पीएमएवाई-यू 2.0 में ओडिशा बना देश का शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत ओडिशा ने देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई है। 8 मई 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच घरों के निर्माण और पूर्णता के मामले में ओडिशा लगातार पहले स्थान पर रहा। यह उपलब्धि राज्य की शहरी आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय को दर्शाती है।
पीएमएवाई-यू 2.0 की प्रमुख विशेषताएं
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को सितंबर 2024 में शुरू किया गया था। यह शहरी क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार की आवास योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी गरीब और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत तकनीकी निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें जियो-टैगिंग, नींव कार्य की ट्रैकिंग और निर्माण पूर्णता की निगरानी जैसी डिजिटल प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाता है।
ओडिशा का प्रदर्शन
ओडिशा में पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल 24,625 घर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 23,464 प्रस्तावित स्थलों का 8 मई 2026 तक जियो-टैगिंग किया जा चुका था। 5 मई 2026 तक 3,134 घरों में नींव का कार्य शुरू हो चुका था, जबकि 2,008 मकानों का निर्माण पूरा भी कर लिया गया। यह प्रगति अन्य राज्यों की तुलना में काफी तेज मानी जा रही है।
योजना के क्रियान्वयन की व्यवस्था
ओडिशा में इस योजना को राज्य के आवास एवं शहरी विकास विभाग और शहरी स्थानीय निकाय मिलकर लागू कर रहे हैं। जियो-टैगिंग के माध्यम से प्रत्येक निर्माण स्थल का सटीक स्थान दर्ज किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी में आसानी होती है। नींव कार्य को निर्माण की आधिकारिक शुरुआत माना जाता है और निर्माण पूरा होने के बाद उसकी रिपोर्टिंग डिजिटल प्रणाली के माध्यम से की जाती है।
शहरी विकास में महत्व
पीएमएवाई-यू 2.0 का उद्देश्य केवल आवास निर्माण नहीं बल्कि शहरी गरीबों के जीवन स्तर में सुधार करना भी है। पक्के घर मिलने से परिवारों को बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक स्थिरता प्राप्त होती है। ओडिशा की सफलता यह दर्शाती है कि तकनीक आधारित निगरानी और स्थानीय निकायों के सहयोग से सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पीएमएवाई-यू का पूरा नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी है।
- पीएमएवाई-यू 2.0 की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई थी।
- जियो-टैगिंग का उपयोग निर्माण स्थलों की सटीक लोकेशन दर्ज करने के लिए किया जाता है।
- शहरी स्थानीय निकाय भारत में शहरी आवास योजनाओं के प्रमुख क्रियान्वयन संस्थान होते हैं।
ओडिशा का प्रदर्शन प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के सफल क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है। इससे अन्य राज्यों को भी योजना के प्रभावी संचालन और तकनीकी उपयोग के लिए प्रेरणा मिल सकती है।