पहली राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026: ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ पर होगा राष्ट्रीय मंथन
ग्रामीण भारत के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारत का पहला राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 28 और 29 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। सम्मेलन का मुख्य विषय “विकसित ग्राम, विकसित भारत” रखा गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, आजीविका, सुशासन और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय सोच को दर्शाता है। यह सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा करने तथा भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
ग्रामीण विकास का महत्व और भारत की रणनीति
भारत की बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए ग्रामीण विकास देश के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। ग्रामीण विकास के अंतर्गत सड़क, आवास, पेयजल, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय शासन जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है।
सम्मेलन में होगी राष्ट्रीय स्तर पर नीति चर्चा
इस दो दिवसीय सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन भारत में नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की प्रगति, प्रशासनिक समन्वय, नवाचार, स्थानीय शासन की मजबूती और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। इससे राज्यों के बीच सफल अनुभवों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रमुख योजनाएँ
भारत का ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जुड़ी कई प्रमुख योजनाओं का संचालन करता है। इनमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) तथा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) प्रमुख हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना, पक्के आवास प्रदान करना, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। “विकसित ग्राम, विकसित भारत” की अवधारणा भी इन्हीं प्रयासों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत का पहला राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 28-29 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
- शिवराज सिंह चौहान वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री हैं।
- मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार उपलब्ध कराना है।
- दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 भारत में ग्रामीण परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करने, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने तथा ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और आधुनिक बनाने की दिशा में नई रणनीतियों के निर्माण का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। “विकसित ग्राम, विकसित भारत” का लक्ष्य तभी साकार होगा जब ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, कृषि और सामाजिक विकास को समान रूप से प्राथमिकता दी जाएगी।