पश्चिम बंगाल में चाय बागान श्रमिकों के लिए पीएमसीएसपीवाई लागू, 313.30 करोड़ रुपये मंजूर
पश्चिम बंगाल सरकार ने 5 जुलाई 2026 को उत्तर बंगाल के चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना (PMCSPY) को लागू करने की मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण संबंधी आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 313.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस पहल का उद्देश्य चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
योजना के प्रमुख घटक
प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत श्रमिकों के समग्र विकास के लिए तीन प्रमुख योजनाएं शामिल की गई हैं। चाय श्रमिक शिक्षा योजना (CSSY) के लिए 177 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग शैक्षणिक आधारभूत ढांचे के विकास, विद्यालयी सुविधाओं के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने में किया जाएगा। चाय श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CSSSY) के तहत 72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका उद्देश्य चाय बागान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना तथा श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।
आवास और विश्राम सुविधाओं का विकास
योजना के तीसरे घटक चाय श्रमिक आश्रय योजना (CSAY) के लिए 63 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस राशि से कुल 321 विश्राम शेड बनाए जाएंगे, जिनमें 88 शेड पहाड़ी क्षेत्रों और 233 शेड मैदानी क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं से श्रमिकों को कार्य के दौरान सुरक्षित और आरामदायक विश्राम स्थल उपलब्ध होंगे।
कार्यान्वयन की व्यवस्था
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 4 जुलाई 2026 को राज्य स्तरीय समिति ने विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। उत्तर बंगाल विकास विभाग को योजना का नोडल कार्यान्वयन विभाग बनाया गया है। यह विभाग स्वास्थ्य विभाग, पश्चिम बंग समग्र शिक्षा मिशन तथा संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजना को लागू करेगा, ताकि सभी लाभ निर्धारित समय पर श्रमिकों तक पहुंच सकें।
योजना का महत्व
उत्तर बंगाल में बड़ी संख्या में परिवार चाय उद्योग पर निर्भर हैं। ऐसे में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं में निवेश से श्रमिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह योजना सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ चाय उद्योग से जुड़े श्रमिक समुदाय के दीर्घकालिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना (PMCSPY) एक केंद्रीय योजना है, जिसके लिए असम और पश्चिम बंगाल हेतु कुल 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- उत्तर बंगाल और असम भारत के प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र हैं, जहां चाय बागान श्रमिकों की बड़ी आबादी कार्यरत है।
- पश्चिम बंग समग्र शिक्षा मिशन राज्य में विद्यालयी शिक्षा के विकास और विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- उत्तर बंगाल विकास विभाग राज्य के उत्तरी जिलों में विकास योजनाओं के समन्वय और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार प्रमुख विभाग है।
प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना के लागू होने से उत्तर बंगाल के चाय बागान श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं का व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल न केवल श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि चाय उद्योग से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।