नाइजीरिया की रिफाइनरी परियोजना के लिए बीएचईएल को मिला बड़ा अंतरराष्ट्रीय ठेका
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने 2 जून 2026 को नाइजीरिया की डांगोटे पेट्रोलियम रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स फ्री ज़ोन एंटरप्राइज के साथ एक महत्वपूर्ण अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना का अनुमानित मूल्य 2,000 करोड़ रुपये से 2,500 करोड़ रुपये के बीच है, जो लगभग 24 से 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर है। यह अनुबंध बीएचईएल की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और वैश्विक ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
बीएचईएल का परिचय
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1964 में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। बीएचईएल बिजली उत्पादन संयंत्रों, औद्योगिक प्रणालियों और भारी विद्युत उपकरणों के निर्माण और आपूर्ति के लिए जानी जाती है। कंपनी ने भारत के अलावा कई देशों में तापीय ऊर्जा, जलविद्युत और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सफलतापूर्वक उपकरण और सेवाएं प्रदान की हैं।
परियोजना का दायरा
इस अनुबंध के अंतर्गत बीएचईएल आठ गैस टर्बाइन जनरेटर पैकेजों की डिजाइनिंग, निर्माण, आपूर्ति, स्थापना पर्यवेक्षण और कमीशनिंग पर्यवेक्षण का कार्य करेगी। ये उपकरण नाइजीरिया के डांगोटे इंडस्ट्रीज फ्री ज़ोन में स्थित पेट्रोलियम रिफाइनरी और पॉलीप्रोपाइलीन संयंत्र के लिए उपयोग किए जाएंगे। यह अनुबंध अंतरराष्ट्रीय निविदा प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया गया है, जो इसकी प्रतिस्पर्धात्मक महत्ता को दर्शाता है। अनुबंध में नागरिक निर्माण कार्य शामिल नहीं हैं, जबकि मुंबई बंदरगाह तक आपूर्ति और प्रदर्शन गारंटी परीक्षण जैसी सेवाएं इसका हिस्सा हैं।
पेट्रोलियम रिफाइनरी और पॉलीप्रोपाइलीन संयंत्र
पेट्रोलियम रिफाइनरी वह औद्योगिक इकाई होती है जहां कच्चे तेल को प्रसंस्कृत कर पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल और विमानन ईंधन जैसे उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। वहीं पॉलीप्रोपाइलीन संयंत्र में पॉलीप्रोपाइलीन नामक थर्मोप्लास्टिक पॉलिमर का उत्पादन किया जाता है। इसका उपयोग पैकेजिंग, वस्त्र उद्योग, ऑटोमोबाइल पुर्जों और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है।
गैस टर्बाइन जनरेटर की भूमिका
गैस टर्बाइन जनरेटर पैकेज औद्योगिक परिसरों और रिफाइनरी इकाइयों में कैप्टिव पावर उत्पादन के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनमें गैस टर्बाइन, विद्युत जनरेटर और नियंत्रण प्रणालियां शामिल होती हैं, जो मिलकर बिजली उत्पादन का कार्य करती हैं। ऐसी प्रणालियां बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निरंतर और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करती हैं।
परियोजना की समयसीमा
अनुबंध के अनुसार परियोजना को प्रभावी तिथि से 26 महीनों के भीतर पूरा किया जाना है। यह परियोजना बीएचईएल के निर्यात कारोबार को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बीएचईएल की स्थापना वर्ष 1964 में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
- डांगोटे पेट्रोलियम रिफाइनरी नाइजीरिया के डांगोटे इंडस्ट्रीज फ्री ज़ोन में स्थित है।
- पॉलीप्रोपाइलीन विश्व में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले थर्मोप्लास्टिक पॉलिमरों में से एक है।
- अंतरराष्ट्रीय निविदा प्रक्रिया बड़े ऊर्जा और अवसंरचना अनुबंधों के लिए व्यापक रूप से अपनाई जाती है।
नाइजीरिया की इस महत्वपूर्ण परियोजना में बीएचईएल की भागीदारी भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रमाण है। यह अनुबंध न केवल कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और औद्योगिक प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगा।