श्रीराम कृष्णन जून 2026 में व्हाइट हाउस एआई नीति पद छोड़ेंगे

श्रीराम कृष्णन जून 2026 में व्हाइट हाउस एआई नीति पद छोड़ेंगे

भारतीय मूल के प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और उद्यमी Sriram Krishnan जून 2026 के अंत में व्हाइट हाउस में अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन में लगभग 18 महीनों तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी नीतियों, सुरक्षा मूल्यांकन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल को अमेरिकी एआई नीति निर्माण के एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।

व्हाइट हाउस में एआई नीति सलाहकार की भूमिका

सीनियर व्हाइट हाउस पॉलिसी एडवाइजर ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पद अमेरिका की संघीय एआई रणनीति के निर्माण और समन्वय से जुड़ा होता है। इस भूमिका में कार्यरत अधिकारी विभिन्न सरकारी विभागों, तकनीकी कंपनियों और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित दिशा-निर्देश तैयार करते हैं। इस पद के अंतर्गत कार्यों में कार्यकारी आदेशों के क्रियान्वयन, राष्ट्रीय नीति ढांचे के विकास तथा सरकार और तकनीकी उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करना शामिल है।

अमेरिकी एआई एक्शन प्लान में योगदान

श्रीराम कृष्णन ने अमेरिकी प्रशासन की एआई रणनीति से जुड़े “अमेरिकन एआई एक्शन प्लान” में भी योगदान दिया। यह पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास, सुरक्षा मूल्यांकन और इस क्षेत्र में अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व क्षमता बनाए रखने पर केंद्रित है। योजना का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ एआई प्रणालियों के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत तकनीकी विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

एआई मॉडल सुरक्षा और सरकारी पहुंच

अपने कार्यकाल के दौरान कृष्णन ने प्रमुख तकनीकी कंपनियों से ऐसे समझौते कराने में मदद की, जिनके तहत अमेरिकी सरकार को उन्नत एआई मॉडलों तक प्रारंभिक पहुंच प्राप्त हो सके। इस प्रक्रिया में Google, Microsoft और xAI जैसी कंपनियां शामिल रहीं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य एआई मॉडलों के व्यापक उपयोग से पहले उनके व्यवहार, सुरक्षा और संभावित जोखिमों का परीक्षण करना था। इससे नीति निर्माताओं को समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने में सहायता मिलती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एआई सहयोग

कृष्णन ने राष्ट्रीय एआई नीति ढांचे के विकास में योगदान देने के साथ-साथ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और चर्चाओं में अमेरिका का प्रतिनिधित्व भी किया। इन मंचों पर उन्होंने एआई शासन, सुरक्षा मानकों और वैश्विक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर अमेरिकी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उनकी भागीदारी ने अमेरिका की एआई नीति को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावशाली बनाने में सहायता की।

भविष्य की योजनाएं

व्हाइट हाउस से अलग होने के बाद श्रीराम कृष्णन एक बाहरी सलाहकार के रूप में नीति संबंधी कार्य जारी रखेंगे। साथ ही वे प्रौद्योगिकी नीति पर केंद्रित एक स्वतंत्र संस्थान स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। यह संस्थान तकनीकी नवाचार, डिजिटल शासन और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े सार्वजनिक नीति विषयों पर कार्य करेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंप्यूटर विज्ञान की वह शाखा है जो मानव जैसी बुद्धिमत्ता वाले कार्य करने वाली प्रणालियों के विकास से संबंधित है।
  • अमेरिका में कार्यकारी आदेश राष्ट्रपति द्वारा जारी किए जाते हैं और संघीय प्रशासन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एक्सएआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल विकसित करने वाली प्रमुख तकनीकी कंपनियां हैं।
  • David Sacks ट्रंप प्रशासन में व्हाइट हाउस के एआई और क्रिप्टो मामलों के प्रमुख अधिकारी हैं।

श्रीराम कृष्णन का कार्यकाल अमेरिकी एआई नीति के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके नेतृत्व में हुए प्रयासों ने एआई सुरक्षा, सरकारी निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा प्रदान की है। आने वाले समय में उनकी नई पहलें तकनीकी नीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

Originally written on June 8, 2026 and last modified on June 8, 2026.

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