संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पुर्तगाल और ऑस्ट्रिया निर्वाचित
पुर्तगाल और ऑस्ट्रिया को 3 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया। दोनों देशों का कार्यकाल 1 जनवरी 2027 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2028 तक चलेगा। यह चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किया गया। इस चुनाव के माध्यम से दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का महत्व
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। इसका मुख्य दायित्व अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें पांच स्थायी सदस्य और दस अस्थायी सदस्य शामिल होते हैं। स्थायी सदस्यों में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस शामिल हैं, जबकि अस्थायी सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा निर्धारित अवधि के लिए किया जाता है। सुरक्षा परिषद के निर्णय वैश्विक राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।
चुनाव प्रक्रिया और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व
सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाता है। सीटों का वितरण संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय समूहों के आधार पर किया जाता है ताकि विभिन्न क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। पुर्तगाल और ऑस्ट्रिया को पश्चिमी यूरोपीय एवं अन्य राज्य समूह (डब्ल्यूईओजी) के लिए निर्धारित दो सीटों पर चुना गया। चुनाव में पुर्तगाल को 134 मत और ऑस्ट्रिया को 131 मत प्राप्त हुए। इसी चुनाव में जर्मनी को 104 मत मिले, लेकिन वह निर्वाचित नहीं हो सका।
कार्यकाल और सदस्यता व्यवस्था
सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य दो वर्ष के लिए चुने जाते हैं और उन्हें तत्काल पुनर्निर्वाचन की अनुमति नहीं होती। परिषद की दस अस्थायी सीटों का आवंटन संयुक्त राष्ट्र की क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार किया जाता है। पुर्तगाल और ऑस्ट्रिया दोनों चौथी बार सुरक्षा परिषद के सदस्य बनेंगे। वर्ष 2027-28 के कार्यकाल के लिए किर्गिस्तान, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे भी निर्वाचित सदस्य देशों में शामिल हैं।
नए सदस्य किन देशों का स्थान लेंगे
नवनिर्वाचित पांच देश उन वर्तमान अस्थायी सदस्यों का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें डेनमार्क, ग्रीस, पाकिस्तान, पनामा और सोमालिया शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 से नए सदस्य औपचारिक रूप से परिषद का हिस्सा बन जाएंगे और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, संघर्ष समाधान तथा शांति स्थापना से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाएंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थापना संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत वर्ष 1945 में हुई थी।
- सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें 5 स्थायी सदस्य शामिल हैं।
- पश्चिमी यूरोपीय एवं अन्य राज्य समूह (डब्ल्यूईओजी) संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय समूहों में से एक है।
- सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा किया जाता है।
पुर्तगाल और ऑस्ट्रिया का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में निर्वाचन वैश्विक कूटनीति में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। आगामी दो वर्षों के दौरान दोनों देश अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय योगदान देंगे, जिससे वैश्विक शासन व्यवस्था में उनकी भागीदारी और प्रभाव और अधिक मजबूत होगा।