नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री
10 जून 2026 को भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने 4,399 दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए Jawaharlal Nehru के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से लगातार तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं।
लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया रिकॉर्ड
जवाहरलाल नेहरू ने 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दी थी। उनका यह रिकॉर्ड कई दशकों तक कायम रहा। हालांकि 10 जून 2026 को नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिन पूरे कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल कर लिया। यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र में उनकी लगातार चुनावी सफलता और राजनीतिक प्रभाव को दर्शाती है।
लगातार कार्यकाल और चुनावी उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जुलाई 2025 को एक और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बनाया था, जब उन्होंने 4,078 दिनों का लगातार कार्यकाल पूरा कर Indira Gandhi के निर्बाध प्रधानमंत्री कार्यकाल को पीछे छोड़ दिया। इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री रहीं थीं। नरेंद्र मोदी देश के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बने जिन्होंने लोकसभा में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। इसके अलावा वे जवाहरलाल नेहरू के बाद ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने जिन्होंने 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में लगातार तीन बार सत्तारूढ़ नेता के रूप में जीत हासिल की।
निर्वाचित सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल
22 मार्च 2026 को नरेंद्र मोदी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उन्होंने निर्वाचित सरकार के प्रमुख के रूप में कुल 8,931 दिनों का कार्यकाल पूरा किया। इसमें उनके प्रधानमंत्री रहने के साथ-साथ Gujarat के मुख्यमंत्री के रूप में बिताया गया समय भी शामिल है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने Pawan Kumar Chamling के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
राजनीतिक महत्व और लोकतांत्रिक प्रभाव
नरेंद्र मोदी का कार्यकाल भारतीय राजनीति में कई महत्वपूर्ण बदलावों और प्रशासनिक पहलों का साक्षी रहा है। उनके नेतृत्व में 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की गई। यह उपलब्धि उन्हें स्वतंत्र भारत के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल करती है जिन्होंने लंबे समय तक जनसमर्थन बनाए रखा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत की जाती है।
- लोकसभा संसद का निचला सदन है और अनुच्छेद 81 के अनुसार इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 552 हो सकती है।
- जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे और उन्होंने 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक पद संभाला।
- इंदिरा गांधी अब तक भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रही हैं।
भारतीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मील का पत्थर मानी जा रही है। लगातार तीन आम चुनावों में विजय और लंबे निर्वाचित कार्यकाल के कारण उनका नाम देश के सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में शामिल हो गया है। आने वाले वर्षों में यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु बना रहेगा।