नई दिल्ली में पहला अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन
भारत 1-2 जून 2026 को नई दिल्ली में पहले अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण, विशेष रूप से बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। इसमें सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के राष्ट्राध्यक्षों या सरकार प्रमुखों के साथ-साथ 400 से अधिक संरक्षण विशेषज्ञ, नीति निर्माता और वैज्ञानिक भाग लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय भारत में स्थित है। इसका गठन सात प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों—शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा—के संरक्षण के लिए किया गया है। यह संगठन विभिन्न देशों के बीच सहयोग बढ़ाकर इन प्रजातियों के प्राकृतिक आवास की रक्षा और उनकी संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
सदस्यता और पर्यवेक्षक देश
28 अप्रैल 2026 तक आईबीसीए में 24 सदस्य देश शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा कजाकिस्तान, नामीबिया और थाईलैंड को पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है। यह विविध सदस्यता संरचना वैश्विक स्तर पर सहयोग को मजबूत बनाती है और विभिन्न क्षेत्रों में संरक्षण प्रयासों को समन्वित करती है।
शिखर सम्मेलन का एजेंडा और प्रमुख पहल
इस शिखर सम्मेलन का विषय “सेव बिग कैट्स, सेव ह्यूमैनिटी, सेव इकोसिस्टम” रखा गया है। सम्मेलन के दौरान ‘दिल्ली घोषणा’ को अपनाया जाएगा, जो बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए साझा प्राथमिकताओं को निर्धारित करेगी और सीमापार सहयोग को सुदृढ़ बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सम्मेलन का उद्घाटन करने की संभावना है, जबकि 2 जून 2026 को ग्लोबल बिग कैट्स फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय संरक्षण सहयोग का महत्व
बड़ी बिल्ली प्रजातियां पारिस्थितिकी तंत्र में शीर्ष शिकारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है, क्योंकि इनका आवास कई देशों में फैला होता है। इस प्रकार के शिखर सम्मेलन देशों को एक साझा मंच पर लाकर प्रभावी रणनीतियों और संसाधनों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय भारत में है।
- यह गठबंधन सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण पर केंद्रित है।
- पहला आईबीसीए शिखर सम्मेलन 1-2 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा।
- ‘दिल्ली घोषणा’ बड़ी बिल्ली संरक्षण और सीमापार सहयोग से जुड़ी है।
- बाघ, शेर, तेंदुआ और हिम तेंदुआ प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियां हैं।
नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन वैश्विक वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को नई दिशा देगा। यह पहल न केवल जैव विविधता की रक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।