दक्षिण चीन सागर में चीन की नई द्वीप परियोजना से बढ़ा तनाव
दक्षिण चीन सागर में चीन ने एंटेलोप रीफ पर भूमि-उद्धार और ड्रेजिंग के पहले चरण को पूरा कर लिया है। उपग्रह चित्रों के अनुसार यहां करीब 1,500 एकड़ क्षेत्र में एक नया कृत्रिम द्वीप तैयार हुआ है, जिसकी लंबाई लगभग 6 किलोमीटर बताई जा रही है। इस स्थल पर बंदरगाह और रनवे से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जा रहा है, जिससे यह परियोजना क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री दावों के लिहाज से अहम हो गई है।
एंटेलोप रीफ क्यों है रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण
एंटेलोप रीफ, दक्षिण चीन सागर के उत्तरी हिस्से में स्थित पारासेल द्वीपसमूह का हिस्सा है। चीन ने 1974 के बाद से इस पूरे क्षेत्र पर वास्तविक नियंत्रण बनाए रखा है, जब उसने दक्षिण वियतनामी बलों को वहां से बाहर कर दिया था। हालांकि, वियतनाम आज भी ऐतिहासिक और कानूनी आधार पर पारासेल द्वीपों पर अपना दावा करता है।
दक्षिण चीन सागर पहले से ही कई देशों के बीच समुद्री सीमाओं और संसाधनों को लेकर विवाद का केंद्र रहा है। ऐसे में किसी भी नए कृत्रिम द्वीप या सैन्य-सक्षम ढांचे का निर्माण क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
किस तरह का ढांचा तैयार किया जा रहा है
उपग्रह तस्वीरों के मुताबिक, पुनः प्राप्त भूमि पर एक गहरे पानी का बंदरगाह, 2,000 फुट से अधिक लंबा क्वे, एक हेलिपैड और लगभग 3 किलोमीटर लंबी सीधी तटीय रेखा बनाई गई है। विशेषज्ञों का आकलन है कि यह स्थल लगभग 10,000 फुट लंबे सैन्य-स्तर के रनवे को सहारा दे सकता है।
इसी क्षेत्र में यागोंग द्वीप पर तीन-शाखीय संरचनाएं भी दिखाई दी हैं, जो एंटेलोप रीफ से करीब 14 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। सुरक्षा विश्लेषकों ने इन्हें संभावित प्रारंभिक चेतावनी रडार सुविधा से जोड़ा है। यदि ऐसा होता है, तो यह समुद्री निगरानी और वायु-रक्षा क्षमता को और मजबूत कर सकता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और चीन की दलील
समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस परियोजना को एक संरक्षित नौसैनिक ठिकाने के रूप में देखा है, खासकर ऐसे समय में जब परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों की तैनाती और सुरक्षा पर ध्यान बढ़ रहा है। एशिया मैरीटाइम ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव के अनुसार, 2017 के बाद दक्षिण चीन सागर में चीन की यह पहली बड़ी नई द्वीप-निर्माण पहल है।
दूसरी ओर, चीन का कहना है कि इस स्थल का उपयोग मौसम पूर्वानुमान, वैज्ञानिक शोध और मत्स्य संरक्षण जैसी नागरिक जरूरतों के लिए किया जाएगा। लेकिन विवादित समुद्री क्षेत्रों में कृत्रिम द्वीपों का निर्माण अक्सर बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, निगरानी और सैन्य ढांचे से जुड़ा माना जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दक्षिण चीन सागर पश्चिमी प्रशांत महासागर का एक अर्ध-आवृत सीमांत समुद्र है।
- पारासेल द्वीपसमूह को चीन में शिशा द्वीप और वियतनाम में होआंग सा द्वीप कहा जाता है।
- भूमि-उद्धार में समुद्र से नई जमीन बनाने के लिए ड्रेजिंग, भराई और तल को स्थिर करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- क्वे वह संरचना होती है जो जहाजों की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए तट के समानांतर बनाई जाती है।
एंटेलोप रीफ पर यह निर्माण कार्य दक्षिण चीन सागर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव को फिर सामने लाता है। समुद्री दावों, सैन्य क्षमता और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच यह परियोजना आने वाले समय में भी चर्चा में बनी रह सकती है।