थाईलैंड की राजकुमारी बजरकितियाभा महिदोल का 47 वर्ष की आयु में निधन
थाईलैंड के शाही परिवार के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी पुत्री राजकुमारी बजरकितियाभा महिदोल का 12 जून 2026 को 47 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लगभग चार वर्षों से कोमा में थीं और बैंकॉक स्थित किंग चुलालोंगकोर्न मेमोरियल अस्पताल में उपचाराधीन थीं। उनके निधन से थाईलैंड के शाही परिवार और देशभर में शोक की लहर फैल गई है। राजकुमारी बजरकितियाभा थाईलैंड के प्रतिष्ठित चक्री वंश की सदस्य थीं और उन्हें देश की सार्वजनिक तथा अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कूटनीति, मानवाधिकार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति
दिसंबर 2022 में राजकुमारी बजरकितियाभा उत्तर-पूर्वी थाईलैंड में अपने कुत्तों को प्रशिक्षण दे रही थीं, तभी अचानक गिर पड़ीं। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनके हृदय संबंधी समस्या और संक्रमणों का उपचार किया, लेकिन उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। मई 2026 में उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई, जब कई संक्रमणों ने उनके शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित किया। लगातार चिकित्सा देखभाल के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और अंततः 12 जून 2026 को उनका निधन हो गया।
कूटनीतिक और सामाजिक योगदान
राजकुमारी बजरकितियाभा केवल शाही परिवार की सदस्य ही नहीं थीं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी थाईलैंड का प्रतिनिधित्व किया था। वह ऑस्ट्रिया में थाईलैंड की राजदूत के रूप में कार्य कर चुकी थीं। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) की सद्भावना दूत के रूप में भी सेवाएं दीं। महिलाओं के अधिकारों, विशेषकर जेलों में बंद महिलाओं की स्थिति में सुधार और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने कई अभियानों का समर्थन किया। सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जाती रही है।
थाई शाही परिवार में उनकी भूमिका
राजकुमारी बजरकितियाभा, राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी संतान थीं। थाईलैंड की संवैधानिक राजशाही व्यवस्था में शाही परिवार का विशेष महत्व है और उसके सदस्य सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राष्ट्रीय गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चक्री वंश, जो वर्ष 1782 से थाईलैंड पर शासन कर रहा है, देश की पहचान और परंपरा का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। राजकुमारी बजरकितियाभा इस विरासत की एक प्रमुख प्रतिनिधि थीं।
थाईलैंड की राजशाही व्यवस्था
थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया का एक संवैधानिक राजतंत्र है, जहां राजा राष्ट्राध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं। वर्तमान में राजा महा वजिरालोंगकोर्न देश के शासक हैं। शाही परिवार का देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता में महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। राजकुमारी बजरकितियाभा की मृत्यु को थाईलैंड के आधुनिक इतिहास में शाही परिवार की एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया का एक संवैधानिक राजतंत्र है।
- चक्री वंश वर्ष 1782 से थाईलैंड पर शासन कर रहा है।
- किंग चुलालोंगकोर्न मेमोरियल अस्पताल बैंकॉक में स्थित है।
- संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) का मुख्यालय वियना, ऑस्ट्रिया में है।
- राजकुमारी बजरकितियाभा महिदोल, राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी संतान थीं।
राजकुमारी बजरकितियाभा महिदोल का निधन थाईलैंड के शाही परिवार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। सार्वजनिक सेवा, कूटनीति और मानवाधिकारों के क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनकी जीवन यात्रा समाज सेवा और नेतृत्व का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनी रहेगी।