तैरते सोलर पार्कों को बढ़ावा देने के लिए पीएम-एसएसवाई को मंजूरी

तैरते सोलर पार्कों को बढ़ावा देने के लिए पीएम-एसएसवाई को मंजूरी

केंद्र सरकार ने देश में तैरते सौर ऊर्जा संयंत्रों के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य जलाशयों और अन्य उपयुक्त अंतर्देशीय जल निकायों पर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देना है, ताकि भूमि पर दबाव कम करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाया जा सके।

योजना का दायरा और वित्तीय प्रावधान

इस केंद्रीय क्षेत्रीय योजना के लिए कुल ₹5,070 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 2030-31 तक 5,000 मेगावाट (MW) की फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पात्र परियोजनाओं को कमीशनिंग के बाद प्रति मेगावाट ₹1 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी।योजना के अंतर्गत परियोजनाएं वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच स्वीकृत की जाएंगी, जबकि वित्तीय सहायता 2032-33 तक जारी रहेगी। सरकार का अनुमान है कि इस पहल से लगभग ₹28,500 करोड़ का निवेश आकर्षित हो सकता है।

फ्लोटिंग सोलर क्यों अहम है

फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम में सोलर पैनल जमीन की बजाय पानी की सतह पर लगाए जाते हैं। इससे भूमि की बचत होती है और जलाशयों जैसी जगहों का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकता है। भारत में अभी लगभग 700 MW की स्थापित फ्लोटिंग सोलर क्षमता है, जिसमें मध्य प्रदेश का ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पार्क एक बड़ा हिस्सा रखता है।राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के अनुसार, भारत में फ्लोटिंग सोलर की संभावित क्षमता लगभग 102.18 GWp आंकी गई है। यह आंकड़ा बताता है कि देश में इस क्षेत्र में विस्तार की काफी गुंजाइश है।

ऊर्जा भंडारण और कार्यान्वयन की व्यवस्था

योजना की एक खास बात यह है कि इसमें सह-स्थित ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Energy Storage System) को भी शामिल किया गया है। न्यूनतम दो घंटे की भंडारण क्षमता, यानी 10,000 MWh, का प्रावधान रखा गया है। इससे सौर उत्पादन कम होने या उपलब्ध न रहने की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाया जा सकेगा।इस योजना को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लागू करेगा। ऊर्जा भंडारण के साथ फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं बिजली प्रणाली को अधिक लचीला बनाने में मदद कर सकती हैं और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग का रास्ता खोल सकती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं जलाशयों, झीलों और अन्य अंतर्देशीय जल निकायों पर विकसित की जाती हैं।
  • केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) पात्र नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को दी जाने वाली प्रत्यक्ष सरकारी सहायता है।
  • ऊर्जा भंडारण प्रणाली बिजली को संचित कर बाद में आपूर्ति करने में मदद करती है।
  • भारत में फ्लोटिंग सोलर की संभावित क्षमता 102.18 GWp आंकी गई है।

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, भूमि संरक्षण और ऊर्जा भंडारण—तीनों मोर्चों पर भारत की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।

Originally written on August 1, 2026 and last modified on August 1, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *