तेलंगाना में महिलाओं द्वारा संचालित पहला सौर ऊर्जा परियोजना शुरू

तेलंगाना में महिलाओं द्वारा संचालित पहला सौर ऊर्जा परियोजना शुरू

Telangana में 27 मई 2026 को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित भारत की पहली सौर ऊर्जा परियोजनाओं की शुरुआत की गई। खम्मम जिले के एर्रुपालेम मंडल के वेंकटापुरम गांव में 1 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन “इंदिरा महिला शक्ति” योजना के तहत किया गया। यह पहल महिला सशक्तिकरण और नवीकरणीय ऊर्जा को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सौर ऊर्जा परियोजना और क्षमता

सौर ऊर्जा सूर्य के प्रकाश से फोटोवोल्टिक सेल या सौर तापीय प्रणालियों के माध्यम से उत्पन्न की जाती है। खम्मम में स्थापित इस संयंत्र की क्षमता 1 मेगावाट है और इसे लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। परियोजना का संचालन महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। ये समूह सामुदायिक स्तर पर बचत, ऋण और आजीविका गतिविधियों के लिए गठित किए जाते हैं। इस मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने का नया उदाहरण माना जा रहा है।

महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों की भूमिका

भारत में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह लंबे समय से माइक्रोफाइनेंस, स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े रहे हैं। तेलंगाना की यह परियोजना इन समूहों को ऊर्जा क्षेत्र से जोड़ने का प्रयास है। अनुमान है कि इस संयंत्र से प्रतिदिन लगभग 14,000 से 15,000 रुपये की आय होगी, जबकि मासिक कमाई 4.5 लाख से 5 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। राज्य सरकार ने महिलाओं के समूहों को और अधिक आर्थिक सहायता देने के लिए ब्याज मुक्त ऋण सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है।

सरकार और बिजली वितरण कंपनियों का सहयोग

इस परियोजना में सरकार ने भूमि, सब्सिडी और बिजली खरीद की व्यवस्था उपलब्ध कराई है। बिजली खरीद समझौते यानी पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत राज्य की बिजली वितरण कंपनियां (DISCOMs) इस संयंत्र से उत्पन्न बिजली खरीदेंगी। DISCOMs राज्य स्तर की कंपनियां होती हैं, जो उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने का कार्य करती हैं। इस व्यवस्था से परियोजना की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

तेलंगाना की नवीकरणीय ऊर्जा योजना

Telangana नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 20,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी योजना के तहत हर जिले में महिलाओं द्वारा संचालित सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इससे ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Telangana भारत के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार वाले राज्यों में से एक है।
  • स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
  • पावर परचेज एग्रीमेंट बिजली उत्पादकों और वितरण कंपनियों के बीच होने वाला समझौता होता है।
  • भारत में सौर ऊर्जा क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख आधारशिला मानी जाती है।

तेलंगाना की यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण के समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करती है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक अवसर मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

Originally written on May 28, 2026 and last modified on May 28, 2026.

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