तुमकुरु औद्योगिक नोड से कर्नाटक की निवेश रणनीति को नई रफ्तार
कर्नाटक ने बेंगलुरु-चेन्नई औद्योगिक गलियारे के तहत तुमकुरु नोड के विस्तार के लिए 1,736 एकड़ भूमि चिन्हित की है। इस परियोजना का लक्ष्य करीब 7,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 88,000 से अधिक रोजगार सृजित करना है। योजना के अनुसार यह नोड 2027 तक पूरा किया जाना है।
बेंगलुरु-चेन्नई औद्योगिक गलियारा क्यों अहम है
बेंगलुरु-चेन्नई औद्योगिक गलियारा देश की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य उत्पादन इकाइयों, परिवहन ढांचे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एक नियोजित ढांचे में जोड़ना है, ताकि उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश के लिए अनुकूल माहौल मिल सके। यह गलियारा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े लॉजिस्टिक नेटवर्क के कुछ हिस्सों को भी औद्योगिक विकास की व्यापक श्रृंखला से जोड़ता है।
तुमकुरु नोड में भूमि आवंटन और प्रगति
तुमकुरु नोड में अब तक 30 प्रतिशत भौतिक प्रगति और 20 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। इस परियोजना में जिंदल एल्युमिनियम को एंकर निवेशक के रूप में पहचाना गया है और उसे 151 एकड़ भूमि दी गई है।
भूमि आवंटन योजना के तहत 300 एकड़ जापान औद्योगिक टाउनशिप के लिए, 200 एकड़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए तथा 41 एकड़ संस्थागत उपयोग के लिए आरक्षित की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि परियोजना केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि एमएसएमई और सहायक औद्योगिक ढांचे को भी साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
कौन-कौन से सेक्टर होंगे केंद्र में
तुमकुरु नोड को खाद्य एवं पेय, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, सामान्य इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए विकसित किया जा रहा है। ऐसे बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक नोड का लाभ यह होता है कि एक ही क्षेत्र में उत्पादन, आपूर्ति, भंडारण और परिवहन की सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
इस परियोजना की ताजा प्रगति राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की शीर्ष निगरानी प्राधिकरण की तीसरी बैठक में रखी गई। यह बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई। ट्रस्ट देश में औद्योगिक गलियारा परियोजनाओं के कार्यान्वयन की प्रमुख संस्था है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट, औद्योगिक गलियारा परियोजनाओं के लिए नोडल कार्यान्वयन संस्था है।
- एमएसएमई का अर्थ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम है, जो भारतीय आर्थिक नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- औद्योगिक गलियारे उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और शहरी अवसंरचना को एक नियोजित ढांचे में जोड़ते हैं।
- एंकर निवेशक वे बड़ी कंपनियां होती हैं जो किसी औद्योगिक क्षेत्र में विकास की शुरुआत और निवेश आकर्षण में मदद करती हैं।
कर्नाटक ने तुमकुरु नोड के साथ-साथ कलबुर्गी में पीएम मित्रा औद्योगिक पार्क और भव्य पहल से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी समर्थन से जोड़ा है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति में कपड़ा, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स आधारित विकास को और मजबूती मिलने की संभावना है।