PM CARES फंड का कोष बढ़कर 8,452 करोड़ रुपये पहुंचा
PM CARES फंड का कुल कोष 31 मार्च 2025 तक बढ़कर 8,452.07 करोड़ रुपये हो गया। सार्वजनिक किए गए ऑडिटेड वित्तीय विवरणों के अनुसार, इस सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट की अधिकांश राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी गई है और आय का बड़ा हिस्सा ब्याज से आया है।
PM CARES फंड की संरचना और उद्देश्य
PM CARES का पूरा नाम Prime Minister’s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations Fund है। इसे मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान आपात राहत और आपदा-संबंधी सहायता के लिए बनाया गया था। यह एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में काम करता है और इसमें व्यक्तियों, संस्थानों तथा कंपनियों से स्वैच्छिक योगदान लिया जाता है।
यह फंड प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से अलग है, जिसका अपना अलग कानूनी और प्रशासनिक ढांचा है। इसलिए दोनों के उद्देश्य और संचालन व्यवस्था एक-दूसरे से भिन्न हैं।
कोष, निवेश और आय का स्वरूप
वित्त वर्ष 2024-25 में PM CARES फंड का कुल कोष 7,173.03 करोड़ रुपये से बढ़कर 8,452.07 करोड़ रुपये हो गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बंदी शेष का लगभग 93% हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया, जबकि 605.41 करोड़ रुपये बचत खाते में थे।
इस अवधि में फिक्स्ड डिपॉजिट से 469.38 करोड़ रुपये का ब्याज मिला, जो ट्रस्ट की आय का सबसे बड़ा स्रोत रहा। इससे स्पष्ट है कि फंड की वित्तीय संरचना मुख्य रूप से सुरक्षित निवेश साधनों पर आधारित है।
दान में गिरावट और खर्च का सीमित उपयोग
वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू स्वैच्छिक दान 30% घटकर 479.05 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 681.81 करोड़ रुपये था। विदेशी योगदान भी घटकर 92.83 लाख रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18% कम है।
इसी अवधि में फंड का कुल व्यय केवल 87.85 लाख रुपये रहा, जो कुल शेष राशि का 0.01% है। लगभग पूरा खर्च, यानी 87.84 लाख रुपये, PM CARES for Children Scheme पर किया गया। यह योजना ट्रस्ट से जुड़ी प्रमुख कल्याणकारी पहलों में से एक है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- PM CARES का अर्थ है Prime Minister’s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations Fund।
- यह फंड मार्च 2020 में सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में बनाया गया था।
- 31 मार्च 2025 तक फंड का 7,846.65 करोड़ रुपये का हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में था।
- PM CARES for Children Scheme इस ट्रस्ट से जुड़ी प्रमुख कल्याणकारी योजना है।
ऑडिटेड खातों के सार्वजनिक होने से फंड की आय, निवेश और व्यय संरचना को लेकर स्पष्टता मिली है। हालिया आंकड़े बताते हैं कि यह कोष अब भी मुख्य रूप से ब्याज आय और सुरक्षित निवेशों पर आधारित है।