इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बड़ा सहारा, 7,877 करोड़ की नई परियोजनाओं को मंजूरी

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बड़ा सहारा, 7,877 करोड़ की नई परियोजनाओं को मंजूरी

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 31 परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के जरिए 7,877 करोड़ रुपये का निवेश आएगा, 82,243 करोड़ रुपये के उत्पादन की संभावना बनेगी और करीब 10,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

ECMS से घरेलू सप्लाई चेन को मजबूती

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक घटकों, उप-समूहों, कच्चे माल और पूंजीगत उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देना है। यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन के उन हिस्सों पर केंद्रित है, जिन पर आयात निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने की जरूरत सबसे अधिक रही है।

ताजा मंजूरियों के साथ इस योजना के तहत संचयी निवेश 69,548 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा योजना के मूल लक्ष्य 59,350 करोड़ रुपये से भी अधिक है, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता और औद्योगिक रुचि को दिखाता है।

किन क्षेत्रों को मिला सबसे ज्यादा लाभ

मंजूर परियोजनाओं में कई बड़े औद्योगिक नाम शामिल हैं। वाइप्रो ग्लोबल ने कॉपर-क्लैड लैमिनेट्स के निर्माण के लिए अपनी निवेश प्रतिबद्धता 1,033 करोड़ रुपये बढ़ाई है। अब इस योजना के तहत उसका कुल प्रस्तावित निवेश 1,401 करोड़ रुपये हो गया है।

ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन को इलेक्ट्रॉनिक कैपिटल गुड्स निर्माण के लिए 1,021 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। वहीं भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड, जो माइक्रोमैक्स से जुड़ी है, ने 1,015 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। इसमें TXD India के जरिए मोबाइल डिस्प्ले निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये और ग्रेटर नोएडा में प्रिसिजन मोल्डिंग के लिए 565 करोड़ रुपये शामिल हैं।

पहली बार बने कुछ अहम इलेक्ट्रॉनिक इनपुट

इस मंजूरी चरण की एक खास बात यह है कि भारत में पहली बार कुछ महत्वपूर्ण उत्पादों के घरेलू निर्माण को स्वीकृति मिली है। इनमें एसीटिलीन ब्लैक, इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव्स और हर्मेटिक टर्मिनल्स शामिल हैं। ये सभी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और उससे जुड़े औद्योगिक उपयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ECMS, यानी Electronics Components Manufacturing Scheme, केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से जुड़ी योजना है।
  • MeitY का पूरा नाम Ministry of Electronics and Information Technology है।
  • कॉपर-क्लैड लैमिनेट्स का उपयोग प्रिंटेड सर्किट बोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक अनुप्रयोगों में होता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक कैपिटल गुड्स वे मशीनें और उपकरण हैं, जिनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में किया जाता है।

अब तक मंजूर ECMS परियोजनाओं में से 38 ने उत्पादन शुरू कर दिया है और 16 निर्माणाधीन हैं। इससे साफ है कि यह योजना केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को जमीन पर उतारने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

Originally written on August 18, 2026 and last modified on August 18, 2026.

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