तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनेगी ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’
तमिलनाडु सरकार ने 11 मई 2026 को महिलाओं की सुरक्षा और निवारक संरक्षण के लिए “सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स” के गठन का आदेश जारी किया है। यह विशेष इकाई राज्यभर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्य करेगी। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा 10 मई 2026 को शपथ लेने के बाद घोषित की गई यह उनकी पहली प्रमुख पहलों में से एक मानी जा रही है।
टास्क फोर्स की संरचना
सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स के पहले चरण में कुल 36 पद स्वीकृत किए गए हैं। इस इकाई का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे। स्वीकृत पदों में एक आईजी, एक पुलिस अधीक्षक, दो उप पुलिस अधीक्षक, चार निरीक्षक, आठ उपनिरीक्षक और अन्य रैंक के 20 कर्मी शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य एक विशेष और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली इकाई तैयार करना है, जो महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर केंद्रित रहे।
महिलाओं की सुरक्षा पर रहेगा फोकस
इस विशेष टास्क फोर्स को महिलाओं की सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए बनाया गया है। यह इकाई उन क्षेत्रों की पहचान करेगी जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध की आशंका अधिक रहती है। टास्क फोर्स बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शैक्षणिक संस्थानों और महिलाओं द्वारा अधिक उपयोग किए जाने वाले सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेगी। इसके लिए विशेष गश्त और निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा।
शिकायत निवारण और जागरूकता अभियान
सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को भी प्राप्त करेगी और उन पर कार्रवाई करेगी। इसके अलावा यह इकाई सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर बचाव अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाएगी। सरकार का मानना है कि सुरक्षा के साथ-साथ जागरूकता भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जरूरी है।
भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस इकाइयां
भारत के कई राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस इकाइयां और हेल्पलाइन पहले से संचालित हैं। ये इकाइयां आमतौर पर निवारक पुलिसिंग, निगरानी, शिकायत समाधान और स्थानीय संस्थानों के साथ समन्वय का कार्य करती हैं। तमिलनाडु की नई पहल को महिलाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में एक आधुनिक और समर्पित मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स का गठन 11 मई 2026 को किया गया।
- टास्क फोर्स के पहले चरण में कुल 36 पद स्वीकृत किए गए हैं।
- इस इकाई का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे।
- बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शैक्षणिक संस्थान निगरानी के प्रमुख केंद्र होंगे।
तमिलनाडु सरकार की यह पहल महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और अपराध रोकथाम में सहायता मिलने की उम्मीद है।