डार्विन की पुरानी परिकल्पना सही निकली, सैक्सीफ्रागा में मिला मांसाहारी पौधा
चीन के क़िंगहाई-तिब्बत पठार और हेंगदुआन पर्वतों में पाई जाने वाली alpine flowering plant Saxifraga candelabrum को अब मांसाहारी पौधे के रूप में पुष्टि मिल गई है। 4 अगस्त 2026 को Nature Communications में प्रकाशित अध्ययन ने यह दिखाया कि यह पौधा कीटों को फँसाकर उनसे पोषक तत्व, खासकर नाइट्रोजन, प्राप्त करता है। यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे चार्ल्स डार्विन की 1875 की उस परिकल्पना को समर्थन मिलता है, जिसमें उन्होंने कुछ Saxifraga प्रजातियों में कीट पकड़ने और पचाने की संभावना जताई थी।
कैसे काम करता है यह पौधा
Saxifraga candelabrum 2,500 मीटर से अधिक ऊँचाई पर उगता है, जहाँ मिट्टी में पोषक तत्व सीमित होते हैं। ऐसे वातावरण में कई पौधे वैकल्पिक पोषण रणनीतियाँ विकसित करते हैं। इस प्रजाति के तनों और शाखाओं पर मौजूद लाल रंग के चिपचिपे ग्रंथीय रोएँ छोटे कीटों को फँसा लेते हैं। अध्ययन में पाया गया कि परिपक्व पौधे औसतन 70 छोटे कीट पकड़ते हैं, जिनमें अधिकतर gnats थे।दिलचस्प बात यह रही कि बड़े परागणकारी मक्खियाँ उसी तरह नहीं फँसतीं, जिससे संकेत मिलता है कि यह पौधा चयनात्मक रूप से छोटे कीटों को पकड़ता है।
वैज्ञानिक जांच से मिली पुष्टि
यह निष्कर्ष कुनमिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बॉटनी, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज और फ्लोरिडा म्यूज़ियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के शोधकर्ताओं ने निकाला। उन्होंने दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग किया: phosphatase activity के लिए fluorescence tagging और nitrogen isotope tracking। इन तरीकों से यह साबित हुआ कि पौधा पकड़े गए कीटों को पचाता है और उनसे नाइट्रोजन अवशोषित करता है।यही वह वैज्ञानिक आधार है जो किसी पौधे को केवल कीट-फँसाने वाला नहीं, बल्कि वास्तविक अर्थों में मांसाहारी सिद्ध करता है।
डार्विन की परिकल्पना और विकासवादी महत्व
चार्ल्स डार्विन ने 1875 में Insectivorous Plants नामक पुस्तक में मांसाहारी पौधों पर चर्चा की थी। उन्होंने कुछ Saxifraga प्रजातियों के बारे में भी संदेह जताया था, लेकिन तब उनके प्रयोग निर्णायक प्रमाण नहीं दे सके। अब यह पहली बार है जब Saxifragaceae परिवार में किसी मांसाहारी पौधे की पुष्टि हुई है।जीनोमिक विश्लेषण में Saxifraga candelabrum और अन्य स्वतंत्र रूप से विकसित मांसाहारी पौधों के बीच कुछ समान जीन भी मिले। इससे यह समझ मजबूत होती है कि मांसाहार पौधों में अलग-अलग वंशों में स्वतंत्र रूप से विकसित हुआ, जिसे convergent evolution कहा जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मांसाहारी पौधे वे फूलदार पौधे होते हैं जो जानवरों, मुख्यतः कीटों, को पकड़कर उनसे पोषक तत्व लेते हैं।
- ऐसे पौधे आमतौर पर नाइट्रोजन और फॉस्फोरस-गरीब मिट्टी वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
- Charles Darwin ने 1875 में Insectivorous Plants पुस्तक प्रकाशित की थी।
- Saxifraga candelabrum Saxifragaceae परिवार का पहला प्रमाणित मांसाहारी पौधा है।
यह खोज वनस्पति विज्ञान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि यह दिखाती है कि कठिन पर्यावरण में पौधे जीवित रहने के लिए कितनी विविध और जटिल रणनीतियाँ अपनाते हैं। साथ ही, यह डार्विन की दूरदर्शिता को भी एक बार फिर वैज्ञानिक आधार देती है।