चीन की नई हाइब्रिड टनल मशीन से कठिन चट्टानों में खुदाई आसान होगी
चीन ने वुहान में अपनी स्वदेशी टनलिंग मशीन ‘शियांगलोंग’ पेश की है, जिसे बेहद कठोर चट्टानी इलाकों में सुरंग निर्माण को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए विकसित किया गया है। 4.5 मीटर व्यास वाली यह मशीन यांत्रिक खुदाई और नियंत्रित ड्रिलिंग-ब्लास्टिंग, दोनों तकनीकों का संयोजन करती है। इसे त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय और राज्य-स्वामित्व वाली चाइना रेलवे ग्रुप की एक सहायक इकाई ने मिलकर तैयार किया है।
कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों के लिए खास डिजाइन
सामान्य टनल बोरिंग मशीनें स्थिर और अपेक्षाकृत नरम जमीन में बेहतर काम करती हैं, लेकिन बहुत कठोर या दरारदार चट्टानों में उनकी क्षमता सीमित हो जाती है। ऐसे मामलों में पारंपरिक रूप से ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग का सहारा लिया जाता है। ‘शियांगलोंग’ इसी चुनौती को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि एक ही परियोजना में मशीन-आधारित खुदाई और नियंत्रित विस्फोट तकनीक का संतुलित उपयोग किया जा सके।अधिकारियों के अनुसार, यह मशीन कठिन चट्टानों में सुरंग निर्माण की दक्षता को पारंपरिक तरीकों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। यह दावा खास तौर पर उन परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां भूगर्भीय संरचना जटिल होती है और खुदाई की गति बार-बार बाधित होती है।
घरेलू आपूर्ति श्रृंखला पर जोर
‘शियांगलोंग’ को घरेलू आपूर्ति श्रृंखला के साथ तैयार किया गया है, ताकि आयातित उपकरणों पर निर्भरता कम की जा सके। मशीन का वुहान में उत्पादन लाइन से बाहर आना चीन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें उच्च-स्तरीय बुनियादी ढांचा उपकरणों का स्वदेशी निर्माण बढ़ाया जा रहा है।वुहान, जो हुबेई प्रांत की राजधानी है, चीन का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र भी है। ऐसे में इस मशीन का वहीं तैयार होना देश की इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमता को भी दर्शाता है।
ऊर्जा और परिवहन परियोजनाओं में उपयोग की संभावना
इस मशीन का पहला परीक्षण हेनान प्रांत की एक पंप्ड-स्टोरेज जलविद्युत परियोजना में किया जाना है, जिसे चाइना पावर कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन की एक सहायक इकाई विकसित कर रही है। पंप्ड-स्टोरेज जलविद्युत प्रणाली ऊर्जा भंडारण का एक तरीका है, जिसमें अलग-अलग ऊंचाई पर स्थित दो जलाशयों का उपयोग किया जाता है।टनल बोरिंग मशीनें मेट्रो, रेलवे, सड़क और जलविद्युत सुरंगों जैसी परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए ‘शियांगलोंग’ जैसी हाइब्रिड प्रणाली चीन के उन बड़े ढांचागत प्रोजेक्ट्स के लिए उपयोगी हो सकती है, जहां सुरंग निर्माण तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- टनल बोरिंग मशीनें गोलाकार सुरंगों की खुदाई के लिए इस्तेमाल होने वाली यांत्रिक प्रणालियां हैं।
- हाइब्रिड टनलिंग सिस्टम में मशीन-आधारित खुदाई और नियंत्रित ब्लास्टिंग, दोनों तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
- त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय चीन के प्रमुख सार्वजनिक शोध विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसकी स्थापना 1911 में बीजिंग में हुई थी।
- वुहान हुबेई प्रांत की राजधानी है और मध्य चीन का एक बड़ा औद्योगिक शहर माना जाता है।
‘शियांगलोंग’ का विकास चीन की उस दिशा को दिखाता है, जिसमें वह जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों के लिए स्वदेशी और उन्नत इंजीनियरिंग समाधान तैयार कर रहा है। सुरंग निर्माण, ऊर्जा और परिवहन परियोजनाओं में ऐसी तकनीकें भविष्य की बुनियादी ढांचा क्षमताओं को और मजबूत कर सकती हैं।