जॉन उर्शेल ने सुलझाई गॉसियन एलिमिनेशन से जुड़ी पुरानी गणितीय पहेली
पूर्व अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी और गणितज्ञ जॉन उर्शेल ने गॉसियन एलिमिनेशन से जुड़ी 1990 के दशक की एक गणितीय परिकल्पना का प्रमाण प्रस्तुत किया है। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में गणित के सहायक प्रोफेसर उर्शेल का शोध यादृच्छिक मैट्रिक्स के लिए इस विधि के व्यवहार और उसकी गणनात्मक विश्वसनीयता को समझने में मदद करता है।
गणितीय गणना में गॉसियन एलिमिनेशन की भूमिका
गॉसियन एलिमिनेशन रैखिक समीकरणों की प्रणालियों को हल करने की एक प्रमुख विधि है। इसमें मैट्रिक्स की पंक्तियों पर क्रमिक संक्रियाएं करके उसे ऊपरी त्रिकोणीय रूप में बदला जाता है। इसके बाद प्रतिस्थापन की प्रक्रिया से अज्ञात मान निकाले जाते हैं। मैट्रिक्स के व्युत्क्रम और सारणिक की गणना में भी इस विधि का उपयोग होता है।
कंप्यूटर पर गणना करते समय संख्याओं को सीमित परिशुद्धता में रखने के कारण छोटे गोलाई-अंतर आ सकते हैं। एलिमिनेशन के दौरान मैट्रिक्स के तत्व कितने बढ़ते हैं, इसे वृद्धि गुणक से मापा जाता है। यह मूल मैट्रिक्स के सबसे बड़े तत्व की तुलना में प्रक्रिया के दौरान बने सबसे बड़े तत्व का अनुपात बताता है। वृद्धि अधिक होने पर गणना में संख्यात्मक अस्थिरता का जोखिम बढ़ सकता है; इसलिए इस गुणक की सीमा समझना परिणामों की विश्वसनीयता आंकने में उपयोगी है।
यादृच्छिक मैट्रिक्स पर शोध का महत्व
यादृच्छिक मैट्रिक्स में प्रविष्टियां किसी निर्धारित प्रायिकता-वितरण के अनुसार चुनी जाती हैं। ऐसे मैट्रिक्स के सांख्यिकीय गुणों का अध्ययन करने वाली यादृच्छिक मैट्रिक्स सिद्धांत का उपयोग भौतिकी, सांख्यिकी और संख्यात्मक विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में होता है। उर्शेल का शोध इसी संदर्भ में गॉसियन एलिमिनेशन के वृद्धि गुणक की जांच करता है।
उनका शोध-पत्र On the Growth Factor of Random Matrices यादृच्छिक मैट्रिक्स के लिए एलिमिनेशन एल्गोरिदम के व्यवहार से संबंधित पुरानी परिकल्पना का प्रमाण देता है। यह काम निर्धारित परिस्थितियों में एल्गोरिदम की स्थिरता का विश्लेषण करने के लिए गणितीय आधार उपलब्ध कराता है। शोध में ओपनएआई के मॉडलों से सहायता मिलने की भी खबर है। नवंबर 2025 में उर्शेल को इस परिकल्पना पर किए गए काम के लिए अंतरराष्ट्रीय गणितीय शोध पुरस्कार मिला; उपलब्ध जानकारी में पुरस्कार का नाम नहीं बताया गया है।
खेल से गणित तक उर्शेल का सफर
उर्शेल ने पेन स्टेट विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक और परास्नातक डिग्रियां प्राप्त कीं तथा एमआईटी से गणित में पीएचडी की। उन्होंने 2016 में एमआईटी में डॉक्टरेट की पढ़ाई शुरू की, उस समय वे पेशेवर फुटबॉल भी खेल रहे थे। बाल्टीमोर रेवेन्स के साथ तीन सत्र बिताने के बाद उन्होंने जुलाई 2017 में, 26 वर्ष की आयु में, एनएफएल से संन्यास लिया। सिर की चोटों को लेकर चिंता और अकादमिक करियर पर ध्यान देना उनके निर्णय के कारणों में शामिल था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- गॉसियन एलिमिनेशन में पंक्तियों पर प्राथमिक संक्रियाओं से रैखिक समीकरण हल किए जाते हैं।
- ऊपरी त्रिकोणीय रूप मिलने के बाद प्रतिस्थापन की विधि से अज्ञात मान निकाले जाते हैं।
- यादृच्छिक मैट्रिक्स की प्रविष्टियां निर्धारित प्रायिकता-वितरणों से चुनी जाती हैं।
- जॉन उर्शेल ने गणित में पीएचडी एमआईटी से प्राप्त की।
उर्शेल का काम यह दिखाता है कि संख्यात्मक विधियों के सैद्धांतिक गुणों पर शोध व्यावहारिक कंप्यूटर गणनाओं की विश्वसनीयता को बेहतर ढंग से समझने में योगदान दे सकता है।