जेमिनी 4 आर्गन: जटिल कामों के लिए गूगल का नया एआई मॉडल

जेमिनी 4 आर्गन: जटिल कामों के लिए गूगल का नया एआई मॉडल

गूगल ने 13 अक्टूबर 2026 को जेमिनी 4 आर्गन को दुनिया भर में उपलब्ध कराया। परीक्षण साझेदारों के लिए सीमित शुरुआत के बाद पेश किया गया यह मॉडल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, वित्त, कानूनी सेवाओं, साइबर सुरक्षा और वैज्ञानिक शोध जैसे क्षेत्रों के जटिल कामों के लिए बनाया गया है। यह जेमिनी 4 परिवार का पहला मॉडल है।

डेवलपर और कारोबारियों के लिए उपलब्धता व कीमत

डेवलपर और कारोबारी जेमिनी एपीआई, एआई स्टूडियो और गूगल एंटिग्रैविटी के जरिए मॉडल का उपयोग कर सकते हैं। पात्र गूगल एआई अल्ट्रा और प्रो सदस्य इसे जेमिनी ऐप तथा सर्च के एआई मोड में भी इस्तेमाल कर सकेंगे। एपीआई की शुरुआती कीमत प्रति दस लाख इनपुट टोकन के लिए 2 डॉलर और प्रति दस लाख आउटपुट टोकन के लिए 10 डॉलर रखी गई है। पहले से संसाधित इनपुट को दोबारा इस्तेमाल करने वाले कैश्ड टोकन पर 95 प्रतिशत छूट मिलेगी। ये शुरुआती दरें 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगी; इसके बाद सामान्य दरें दोगुनी तय की गई हैं।

गूगल की योजना गूगल एंटिग्रैविटी में सबसे अधिक उपयोग वाले स्तर की छह महीने की मुफ्त सुविधा 10,000 वैज्ञानिकों को देने की है। यह सुविधा पात्रता, उपलब्ध क्षमता और चयन पर निर्भर करेगी।

कोडिंग से वैज्ञानिक शोध तक उपयोग

गूगल के अनुसार, जेमिनी 4 आर्गन लंबे और कई चरणों वाले कामों को संभालने तथा एक से अधिक औजारों का उपयोग करने के लिए तैयार किया गया है। विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में एआई मॉडल का आकलन करने वाले वाल्स इंडेक्स में इसने पहला स्थान हासिल किया। इस सूचकांक में वित्त, कोडिंग, कानूनी और कर संबंधी काम शामिल हैं।

गूगल के आंतरिक परीक्षण में एंटिग्रैविटी पर आर्गन का उपयोग करने वाले इंजीनियरों के एजेंट-आधारित कोड जमा करने में 35 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई और कोड को पिछली स्थिति में लौटाने की घटनाएं करीब एक-तिहाई घटीं। क्रोम टीम ने सैकड़ों फाइलों से जुड़े सॉफ्टवेयर ढांचे के पुनर्गठन का काम कुछ सप्ताह में पूरा किया। वैज्ञानिक शोध में मॉडल ने ऐसे एंजाइम डिजाइन पहचानने में मदद की, जिन्होंने प्रयोगशाला परीक्षणों में उत्प्रेरक गतिविधि दिखाई। साइबर सुरक्षा टीमों ने संवेदनशील सरकारी और स्वास्थ्य प्रणालियों की कमजोरियां पहचानने और ठीक करने में भी इसका इस्तेमाल किया।

प्रॉम्प्ट इंजेक्शन से बचाव

प्रॉम्प्ट इंजेक्शन ऐसा हमला है जिसमें वेबपेज, ईमेल या कोड में छिपे दुर्भावनापूर्ण निर्देश एआई प्रणाली के व्यवहार को बदलने की कोशिश करते हैं। गूगल ने ऐसे निर्देशों और दुर्भावनापूर्ण अनुरोधों से बचाव के उपाय जोड़े हैं। कंपनी के मुताबिक, 15 अनुकूलित प्रयासों वाले एक परीक्षण में प्रॉम्प्ट इंजेक्शन हमलों की सफलता दर 0.7 प्रतिशत रही।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

:

  • गूगल ने जेमिनी 4 आर्गन को 13 अक्टूबर 2026 को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराया।
  • जेमिनी एपीआई डेवलपरों को अपने सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों के जरिए गूगल के एआई मॉडल इस्तेमाल करने की सुविधा देता है।
  • एंजाइम जैविक उत्प्रेरक होते हैं, जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं।
  • प्रॉम्प्ट इंजेक्शन एआई प्रणाली द्वारा माने जाने वाले निर्देशों को प्रभावित करने वाला हमला है।

जेमिनी 4 आर्गन का महत्व उसके बहु-चरणीय कार्यों और अलग-अलग क्षेत्रों में इस्तेमाल की क्षमता से जुड़ा है। इसके साथ ही, छिपे निर्देशों से सुरक्षा और उपयोग की लागत पर नजर रखना भी इसके व्यापक अपनाने के लिए अहम होगा।

Originally written on October 14, 2026 and last modified on October 14, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *