जापान ने आरवी-एक्स पुन: प्रयोज्य रॉकेट का सफल परीक्षण किया
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जैक्सा) ने 11 जुलाई 2026 को अपने प्रोटोटाइप पुन: प्रयोज्य रॉकेट आरवी-एक्स का पहला सफल उड़ान और लैंडिंग परीक्षण पूरा किया। यह परीक्षण पूर्वोत्तर जापान के अकिता क्षेत्र स्थित नोशिरो रॉकेट परीक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। लगभग 40 सेकंड तक चली इस परीक्षण उड़ान के दौरान रॉकेट ने करीब 10 से 11 मीटर की ऊंचाई प्राप्त की, लगभग 16 मीटर क्षैतिज दिशा में आगे बढ़ा और सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान पर उतर गया। यह उपलब्धि जापान के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसका उद्देश्य भविष्य में अंतरिक्ष प्रक्षेपण को अधिक किफायती और प्रभावी बनाना है।
पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक का महत्व
पुन: प्रयोज्य रॉकेट ऐसे प्रक्षेपण यान होते हैं जिन्हें अंतरिक्ष मिशन के बाद वापस पृथ्वी पर सुरक्षित उतारकर दोबारा उपयोग किया जा सकता है। इससे नए रॉकेट बनाने की आवश्यकता कम होती है, लागत में उल्लेखनीय कमी आती है और अंतरिक्ष मिशनों की आवृत्ति बढ़ाई जा सकती है। यही कारण है कि विश्व की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियां और निजी कंपनियां इस तकनीक पर तेजी से कार्य कर रही हैं। आरवी-एक्स रॉकेट की ऊंचाई 7.3 मीटर और व्यास 1.8 मीटर है। इसका इंजन लगभग 100 बार उपयोग के लिए विकसित किया गया है। इस प्रोटोटाइप पर अब तक 160 से अधिक दहन परीक्षण किए जा चुके हैं, जिससे इसकी तकनीकी विश्वसनीयता को परखा गया है।
जैक्सा का आरवी-एक्स विकास कार्यक्रम
जैक्सा आरवी-एक्स परियोजना के माध्यम से ऐसी तकनीकों का परीक्षण कर रहा है जो भविष्य में प्रक्षेपण लागत को कम करने और मिशनों की दक्षता बढ़ाने में सहायक होंगी। इस कार्यक्रम के परियोजना प्रबंधक ताकाशी इतो हैं। एजेंसी की योजना आगामी परीक्षणों में रॉकेट को लगभग 100 मीटर की ऊंचाई तक उड़ाने की है, जिससे इसकी क्षमताओं का और व्यापक परीक्षण किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
आरवी-एक्स परियोजना जापान, फ्रांस और जर्मनी के संयुक्त पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान कार्यक्रम कैलिस्टो के विकास में भी सहायक मानी जा रही है। कैलिस्टो का उड़ान परीक्षण अप्रैल 2027 में प्रस्तावित है। इसके साथ ही वैश्विक अंतरिक्ष प्रक्षेपण बाजार में पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पहले से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। जापान भी इस तकनीक के माध्यम से अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षेत्र में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करना चाहता है। इसके अलावा, जून 2025 में होंडा आरएंडडी कंपनी जापान की पहली निजी कंपनी बनी जिसने पुन: प्रयोज्य रॉकेट के टेक-ऑफ और लैंडिंग का सफल परीक्षण किया। आरवी-एक्स कार्यक्रम इस दिशा में जापान के सरकारी प्रयासों को नई गति प्रदान करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जैक्सा (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी) जापान की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है।
- नोशिरो रॉकेट परीक्षण केंद्र जापान के अकिता प्रान्त में स्थित है।
- आरवी-एक्स रॉकेट का इंजन लगभग 100 प्रक्षेपणों के लिए डिजाइन किया गया है।
- कैलिस्टो जापान, फ्रांस और जर्मनी का संयुक्त पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान विकास कार्यक्रम है।
पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की दिशा बदलने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। आरवी-एक्स का सफल परीक्षण इस बात का संकेत है कि जापान कम लागत, अधिक दक्षता और टिकाऊ अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस तकनीक के परिपक्व होने से वैज्ञानिक अनुसंधान, उपग्रह प्रक्षेपण और अंतरिक्ष उद्योग को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है।