छत्तीसगढ़ के सक्ती में बॉयलर विस्फोट, कई मजदूरों की मौत और गंभीर चोटें

छत्तीसगढ़ के सक्ती में बॉयलर विस्फोट, कई मजदूरों की मौत और गंभीर चोटें

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 14 अप्रैल 2026 को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने कई परिवारों को झकझोर दिया, जब वेदांता लिमिटेड के थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट हुआ। इस हादसे में कम से कम 10 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। यह घटना सिंहितराई गांव स्थित संयंत्र में नियमित कार्य के दौरान हुई, जहां अचानक तेज धमाके और आग के कारण अफरा-तफरी मच गई।

विस्फोट का कारण

प्रारंभिक जांच के अनुसार, बॉयलर की ट्यूब फटने से उच्च दबाव वाली भाप का रिसाव हुआ, जिसने विस्फोट को जन्म दिया। यह हादसा प्लांट की यूनिट-1 में दोपहर लगभग 2 से 2:30 बजे के बीच हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं आमतौर पर दबाव असंतुलन, अत्यधिक तापमान या रखरखाव में कमी के कारण होती हैं। हालांकि, सटीक कारण जानने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

बचाव कार्य और चिकित्सा सहायता

हादसे के तुरंत बाद पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल बाहर निकाला गया और उन्हें खरसिया तथा रायगढ़ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सक्ती जिले में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं न होने के कारण गंभीर रूप से घायल मरीजों को बड़े अस्पतालों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई।

मृतकों की पहचान में कठिनाई

अधिकारियों के अनुसार, चार श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। अधिकांश पीड़ित ठेका श्रमिक थे, जो बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से आए थे। कई लोगों के शरीर बुरी तरह झुलस जाने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है, जिससे उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सक्ती जिला छत्तीसगढ़ का एक नया प्रशासनिक जिला है।
  • संबंधित थर्मल पावर प्लांट की क्षमता लगभग 1200 मेगावाट है।
  • बॉयलर विस्फोट आमतौर पर अत्यधिक भाप दबाव और तकनीकी खराबी के कारण होते हैं।
  • औद्योगिक दुर्घटनाएं श्रमिक सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं की चुनौतियों को उजागर करती हैं।

राज्य सरकार ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, कंपनी ने घायलों के इलाज को प्राथमिकता बताते हुए प्रशासन के साथ सहयोग की बात कही है। यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Originally written on April 16, 2026 and last modified on April 16, 2026.

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