चेन्नई में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम परियोजना को मिली नई गति
चेन्नई महानगर में यातायात प्रबंधन को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 25 जून 2026 को केंद्र सरकार ने इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी प्रदान की। लगभग 645.59 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के ऋण के माध्यम से वित्तपोषित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक जाम कम करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और यातायात संचालन को तकनीक आधारित बनाना है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ
चेन्नई के लिए तैयार किए गए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम में कई आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। इसके तहत शहर के 165 प्रमुख चौराहों पर एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल कंट्रोल स्थापित किया जाएगा, जो वास्तविक समय के यातायात के अनुसार सिग्नल की अवधि को स्वतः समायोजित करेगा। इसके अलावा 58 स्थानों पर ट्रैफिक घटना पहचान प्रणाली, 17 स्थानों पर वेरिएबल मैसेज साइन सिस्टम तथा 50 चौराहों पर रेड लाइट उल्लंघन पहचान प्रणाली लगाई जाएगी। परियोजना में चयनित चौराहों का सुधार, नए कैमरों की स्थापना और पुराने ट्रैफिक सिग्नलों का प्रतिस्थापन भी शामिल है।
परियोजना की प्रगति और कार्यान्वयन
इस परियोजना के तहत 530 करोड़ रुपये का अनुबंध 31 मार्च 2023 को एलएंडटी के साथ हस्ताक्षरित किया गया था, जिसे 6 जून 2023 को जेआईसीए की स्वीकृति प्राप्त हुई। जनवरी 2024 में 17 स्थानों पर पायलट परियोजना की शुरुआत की गई, जिसके सकारात्मक परिणामों के बाद कार्य को आगे बढ़ाया गया। 6 मार्च 2026 तक 165 निर्धारित चौराहों में से 104 पर सिविल कार्य पूरा किया जा चुका था। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने अगस्त 2026 तक पूरे इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूर्ण रूप से संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
आधुनिक यातायात प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम
जनवरी 2026 में ग्रेटर चेन्नई ट्रैफिक पुलिस ने शहर के कई महत्वपूर्ण चौराहों पर एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नलों का विस्तार किया। ये स्मार्ट सिग्नल सेंसर और वास्तविक समय के डेटा का उपयोग कर वाहनों की संख्या के अनुसार सिग्नल समय निर्धारित करते हैं। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समय कम होता है, यातायात सुचारु रहता है और ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण में भी कमी आती है। पूरी परियोजना को चेन्नई स्मार्ट सिटी लिमिटेड विभिन्न सरकारी एजेंसियों के सहयोग से एक समेकित परियोजना के रूप में लागू कर रहा है। इसके सफल क्रियान्वयन से शहर में दुर्घटनाओं में कमी, यात्रा समय में सुधार और नागरिकों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) शहरी परिवहन प्रबंधन के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक आधारित स्मार्ट प्रणाली है।
- जेआईसीए का पूरा नाम जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी है, जो विभिन्न देशों में विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- वेरिएबल मैसेज साइन सड़क उपयोगकर्ताओं को ट्रैफिक अलर्ट, मार्ग परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रदर्शित करते हैं।
- चेन्नई में 165 चौराहों पर एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल नियंत्रण स्थापित करने की योजना इस परियोजना का प्रमुख हिस्सा है।
चेन्नई का इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम परियोजना भारत में स्मार्ट शहरी परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह परियोजना न केवल यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा, यात्रा की गति और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी।