सीडीएससीओ ने वेगोवी को माश के इलाज के लिए दी मंजूरी, फैटी लिवर रोग के उपचार में नई उम्मीद

सीडीएससीओ ने वेगोवी को माश के इलाज के लिए दी मंजूरी, फैटी लिवर रोग के उपचार में नई उम्मीद

भारत के औषधि नियामक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने 17 जुलाई 2026 को नोवो नॉर्डिस्क की दवा वेगोवी (सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन 2.4 मि.ग्रा.) को मेटाबोलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस (MASH) के उपचार के लिए मंजूरी प्रदान की। यह मंजूरी उन वयस्क मरीजों के लिए है, जिन्हें सिरोसिस रहित (नॉन-सिरोटिक) MASH के साथ मध्यम से उन्नत स्तर की लिवर फाइब्रोसिस है। दवा का उपयोग कम कैलोरी वाले आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ किया जाएगा। यह मंजूरी भारत में फैटी लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के उपचार में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

माश (MASH) क्या है?

मेटाबोलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस (MASH) एक प्रगतिशील यकृत (लिवर) रोग है, जिसमें मेटाबोलिक गड़बड़ी के कारण लिवर में अत्यधिक वसा जमा हो जाती है और सूजन के साथ लिवर को नुकसान पहुंचता है। यह मेटाबोलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड स्टीयाटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) का एक गंभीर रूप है। मोटापा, टाइप-2 मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और अन्य चयापचय संबंधी विकार इस बीमारी के प्रमुख जोखिम कारक माने जाते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर यह रोग लिवर सिरोसिस और लिवर फेल्योर जैसी गंभीर स्थितियों में बदल सकता है।

वेगोवी और जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट

वेगोवी में सक्रिय घटक सेमाग्लूटाइड होता है, जो जीएलपी-1 (GLP-1) रिसेप्टर एगोनिस्ट वर्ग की दवा है। इसका उपयोग पहले से ही मोटापे के दीर्घकालिक प्रबंधन और चयापचय संबंधी रोगों के उपचार में किया जा रहा है। अब यह मध्यम से उन्नत लिवर फाइब्रोसिस वाले नॉन-सिरोटिक MASH के उपचार के लिए भारत और विश्व स्तर पर मंजूरी प्राप्त करने वाली पहली और एकमात्र जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट दवा बन गई है।

क्लिनिकल परीक्षण और प्रभावशीलता

वेगोवी को मंजूरी ESSENCE नामक चरण-3 क्लिनिकल परीक्षण के सकारात्मक परिणामों के आधार पर दी गई। अध्ययन में पाया गया कि वेगोवी लेने वाले 63 प्रतिशत मरीजों में स्टीटोहेपेटाइटिस की समस्या समाप्त हो गई, जबकि 37 प्रतिशत मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। इसके अलावा, 23 अप्रैल 2026 को सीडीएससीओ की एंडोक्राइनोलॉजी एवं मेटाबोलिज्म विषय विशेषज्ञ समिति ने फाइब्रोसिस चरण F2 से F3 वाले नॉन-सिरोटिक MASH मरीजों के लिए इस दवा की सिफारिश की थी।

भारत में उपलब्धता और महत्व

भारत में एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स सेमाग्लूटाइड का वितरण ‘पोविज्ट्रा’ ब्रांड नाम से करती है। 3 अप्रैल 2026 से इसकी शुरुआती मासिक कीमत 8,790 रुपये से घटाकर 3,999 रुपये कर दी गई, जो लगभग 55 प्रतिशत की कमी है। यह मूल्य कटौती अधिक मरीजों तक उपचार की पहुंच बढ़ाने में सहायक होगी। भारत में फैटी लिवर रोग के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह मंजूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • MASH (Metabolic Dysfunction-Associated Steatohepatitis) फैटी लिवर रोग का एक गंभीर रूप है, जो मोटापा, टाइप-2 मधुमेह और अन्य चयापचय संबंधी विकारों से जुड़ा होता है।
  • वेगोवी (सेमाग्लूटाइड) भारत में पहली बार 20 अप्रैल 2022 को दीर्घकालिक वजन प्रबंधन के लिए स्वीकृत की गई थी।
  • जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट ऐसी दवाएं हैं, जिनका उपयोग वजन नियंत्रण, रक्त शर्करा प्रबंधन और चयापचय संबंधी रोगों के उपचार में किया जाता है।
  • भारत में एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स सेमाग्लूटाइड का विपणन ‘पोविज्ट्रा’ ब्रांड नाम से करती है।

वेगोवी को MASH के उपचार के लिए मिली मंजूरी भारत में लिवर रोगों के प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दवा मोटापा, मधुमेह और फैटी लिवर जैसी आपस में जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में नई संभावनाएं प्रदान करती है। समय पर निदान, स्वस्थ जीवनशैली और आधुनिक उपचार के साथ MASH जैसी गंभीर बीमारी के प्रभाव को कम किया जा सकता है, जिससे लाखों मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।

Originally written on July 17, 2026 and last modified on July 17, 2026.

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