प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से संबंधित कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तथा ट्राइसिटी रिंग रोड नेटवर्क से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, यातायात को सुगम बनाना और समग्र क्षेत्रीय विकास को गति देना है।

पीजीआईएमईआर में नई स्वास्थ्य सुविधाएं

पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ भारत के प्रमुख सार्वजनिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थानों में से एक है, जिसकी स्थापना 1962 में हुई थी। प्रधानमंत्री ने यहां 300 बिस्तरों वाले एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन किया। एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराएगा, जबकि एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और न्यूरो-क्रिटिकल केयर की एकीकृत सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के अंतर्गत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी गई।

पीएम-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) की शुरुआत वर्ष 2021 में देशभर में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई थी। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसके तहत अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। पीजीआईएमईआर में प्रस्तावित नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक गंभीर रोगियों के उपचार की क्षमता को और बढ़ाएगा।

ट्राइसिटी क्षेत्र में सड़क अवसंरचना का विस्तार

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की लगभग 5,278 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। ये परियोजनाएं 244 किलोमीटर लंबे ट्राइसिटी रिंग रोड के अंतिम संपर्क मार्गों का हिस्सा हैं, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर 31.23 किलोमीटर लंबे आईटी सिटी–कुराली ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया, जिसका निर्माण लगभग 1,936 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। साथ ही 19.2 किलोमीटर लंबे जीरकपुर–पंचकूला बाईपास तथा 10.3 किलोमीटर लंबे पीआर-7 स्पर की आधारशिला भी रखी गई।

ट्राइसिटी क्षेत्र का महत्व

ट्राइसिटी क्षेत्र में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला शामिल हैं। यह उत्तर भारत का एक प्रमुख प्रशासनिक, औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र है। चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी भी है। यह अपने सुव्यवस्थित शहरी नियोजन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जिसका डिजाइन प्रसिद्ध वास्तुकार ले कॉर्बुज़िए ने तैयार किया था। नई सड़क परियोजनाओं से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ की स्थापना 1962 में हुई थी और यह भारत का प्रमुख स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान है।
  • PM-ABHIM का पूरा नाम प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2021 में हुई।
  • ट्राइसिटी क्षेत्र में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला शामिल हैं।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की स्थापना 1988 में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 1988 के तहत की गई थी।

चंडीगढ़ में शुरू की गई ये विकास परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क संपर्क और क्षेत्रीय अवसंरचना को नई मजबूती प्रदान करेंगी। आधुनिक अस्पताल सुविधाओं और बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल स्थानीय नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित पूरे ट्राइसिटी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

Originally written on July 17, 2026 and last modified on July 17, 2026.

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