चुनाव आयोग ने शुरू किया मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का तीसरा चरण

चुनाव आयोग ने शुरू किया मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का तीसरा चरण

भारत निर्वाचन आयोग ने 14 मई 2026 को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तीसरे चरण की शुरुआत की। यह अभियान 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन क्या है

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर एक क्षेत्रीय स्तर की प्रक्रिया है, जिसके तहत घर-घर जाकर मतदाता विवरण का सत्यापन, संशोधन और अद्यतन किया जाता है। मतदाता सूची भारत में पात्र मतदाताओं की आधिकारिक सूची होती है, जिसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और त्रुटियों का सुधार किया जाता है।

किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है अभियान

तीसरे चरण में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा को शामिल किया गया है। इसके अलावा चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में भी यह अभियान चलाया जा रहा है।

फील्ड स्तर पर कार्य व्यवस्था

इस अभियान में 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन करेंगे। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने इस चरण की समय-सारिणी को जनगणना की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया के अनुरूप रखा है, क्योंकि दोनों में क्षेत्रीय प्रशासनिक ढांचे का उपयोग किया जाता है।

ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों का कार्यक्रम

ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर सत्यापन का कार्य 30 मई 2026 से 28 जून 2026 तक किया जाएगा। इन राज्यों की अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित होने की संभावना है। फिलहाल हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को इस चरण से बाहर रखा गया है और उनके लिए अलग कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बूथ लेवल अधिकारी मतदान केंद्र स्तर पर मतदाता सूची संबंधी कार्य करने वाले क्षेत्रीय अधिकारी होते हैं।
  • बूथ लेवल एजेंट मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है, जहां विधान सभा भी मौजूद है।
  • भारत में मतदाता सूचियों का निर्माण और संशोधन संवैधानिक एवं कानूनी ढांचे के अंतर्गत किया जाता है।

मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण अभियान चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पात्र मतदाताओं की सही पहचान सुनिश्चित करने और चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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