चीन ने फ्यूजन ऊर्जा की दौड़ में बड़ा कदम बढ़ाया

चीन ने फ्यूजन ऊर्जा की दौड़ में बड़ा कदम बढ़ाया

चीन ने फ्यूजन अनुसंधान के लिए विकसित दो बड़े सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट्स का विशेषज्ञ परीक्षण और पूर्ण-मानक जांच पूरी कर ली है। यह परीक्षण 27 जून 2026 को हेफ़ेई, अनहुई प्रांत स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज़्मा फिजिक्स, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज में किया गया। इनमें एक टोरॉयडल फील्ड सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और एक हाई-टेम्परेचर सुपरकंडक्टिंग सेंट्रल सोलोनॉइड कॉइल शामिल है, जिन्हें फ्यूजन ऊर्जा तकनीक के लिए अहम माना जा रहा है।

फ्यूजन रिएक्टर के लिए सबसे बड़ा मैग्नेट

टोरॉयडल फील्ड सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट का आकार D-आकार का है और यह 21 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा तथा 582 टन वजनी है। इसे अब तक बना सबसे बड़ा फ्यूजन रिएक्टर सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट बताया गया है। फ्यूजन उपकरणों में यह मैग्नेट वैक्यूम चैंबर के भीतर प्लाज़्मा को शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र से नियंत्रित और सीमित रखने का काम करता है।फ्यूजन प्रक्रिया में प्लाज़्मा को लगभग 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है। इतनी ऊंची तापमान स्थिति में प्लाज़्मा को स्थिर रखना सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती होती है, और इसी कारण ऐसे मैग्नेट फ्यूजन रिएक्टर की सफलता के लिए केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।

सेंट्रल सोलोनॉइड कॉइल की भूमिका

इसी परीक्षण के दौरान हाई-टेम्परेचर सुपरकंडक्टिंग सेंट्रल सोलोनॉइड कॉइल की भी जांच की गई। फ्यूजन रिएक्टर में यह कॉइल प्लाज़्मा करंट को प्रेरित करती है और उसे चलाने में मदद करती है। टोकामक-प्रकार के फ्यूजन उपकरणों में यह व्यवस्था इग्निशन और स्थिर संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।परीक्षण के दौरान दोनों मैग्नेट सिस्टम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी प्रदर्शन दर्ज किया। यह उपलब्धि चीन की फ्यूजन तकनीक में बढ़ती क्षमता और बड़े पैमाने पर स्वदेशी निर्माण की दिशा में प्रगति को दिखाती है।

स्वदेशी निर्माण और CRAFT परियोजना

इन दोनों मैग्नेट सिस्टम्स की पूरी सप्लाई चेन में 100% घरेलू उत्पादन किया गया, जिसमें कच्चे माल से लेकर निर्माण प्रक्रियाएं तक शामिल रहीं। यह परियोजना चीन के CRAFT यानी Comprehensive Research Facility for Fusion Technology से जुड़ी है, जो उसके “आर्टिफिशियल सन” कार्यक्रम का हिस्सा है।बताया गया है कि टोरॉयडल फील्ड मैग्नेट का आयतन ITER में उपयोग होने वाले समान मैग्नेट्स की तुलना में 1.3 गुना और स्टोर्ड एनर्जी तीन गुना है। ITER फ्रांस में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय फ्यूजन ऊर्जा परियोजना है, जिसे इस क्षेत्र का वैश्विक मानक माना जाता है। चीन ने लगभग 2030 के आसपास फ्यूजन पावर जनरेशन का लक्ष्य रखा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • फ्यूजन में हल्के परमाणु नाभिक मिलकर ऊर्जा छोड़ते हैं; यही प्रक्रिया सूर्य और तारों में होती है।
  • टोकामक फ्यूजन अनुसंधान में इस्तेमाल होने वाला चुंबकीय संरोधन उपकरण है, जिसकी बनावट टोरस जैसी होती है।
  • सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट बहुत कम प्रतिरोध के साथ विद्युत धारा वहन कर सकते हैं, बशर्ते उन्हें अत्यंत कम तापमान पर ठंडा रखा जाए।
  • ITER एक अंतरराष्ट्रीय फ्यूजन ऊर्जा परियोजना है, जो फ्रांस में स्थित है।

यह परीक्षण चीन की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह फ्यूजन ऊर्जा को दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा विकल्प के रूप में विकसित करना चाहता है। बड़े और अधिक सक्षम मैग्नेट्स की सफलता भविष्य के फ्यूजन रिएक्टरों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी आधार तैयार करती है।

Originally written on July 28, 2026 and last modified on July 28, 2026.

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