चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चीन की नई वैज्ञानिक नजर
चीन ने अपने आगामी चंद्र अभियान चांग’ए-7 को 24 अगस्त 2026 को लॉन्च करने की योजना बनाई है। यह मिशन हाइनान स्थित वेनचांग स्पेसक्राफ्ट लॉन्च साइट से लॉन्ग मार्च 5 Y14 रॉकेट के जरिए भेजा जाएगा। इस अभियान का मुख्य फोकस चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव है, जहां स्थायी रूप से छाया में रहने वाले गड्ढे वैज्ञानिकों के लिए खास रुचि का विषय हैं।
चार हिस्सों वाला मिशन ढांचा
चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के अनुसार चांग’ए-7 एक फोर-इन-वन प्रणाली है, जिसमें ऑर्बिटर, लैंडर, रोवर और हॉपिंग प्रोब शामिल हैं। ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में रहकर निगरानी करेगा, जबकि लैंडर शैकलटन क्रेटर के किनारे के पास उतरने की कोशिश करेगा। रोवर सतह पर आगे बढ़कर अध्ययन करेगा और हॉपिंग प्रोब कठिन, छायादार इलाकों में जाकर सीधे नमूने जुटाने में मदद करेगा।
दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ की तलाश
इस मिशन का सबसे अहम वैज्ञानिक लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के आसपास पानी की बर्फ के संकेत खोजना है। शैकलटन क्रेटर जैसे क्षेत्र इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वहां सूर्य का प्रकाश बहुत कम पहुंचता है और कुछ हिस्से हमेशा अंधेरे में रहते हैं। ऐसे क्षेत्रों में वाष्पशील पदार्थ, खासकर जल-बर्फ, लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं।
हॉपिंग प्रोब को सक्रिय शॉक-अब्जॉर्प्शन तकनीक के साथ डिजाइन किया गया है, ताकि वह छायादार गड्ढों में छलांग लगाकर वहां मौजूद जल अणुओं का विश्लेषण कर सके। यह व्यवस्था चंद्र सतह की उन जगहों तक पहुंचने में मदद करेगी, जहां सामान्य रोवर आसानी से नहीं जा सकते।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संचार व्यवस्था
चांग’ए-7 में छह वैज्ञानिक पेलोड शामिल होंगे, जो छह अलग-अलग देशों और एक अंतरराष्ट्रीय संगठन द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे यह मिशन केवल चीन की तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग का भी उदाहरण बनेगा।
संचार के लिए मिशन क्यूकियाओ-2 रिले सैटेलाइट पर निर्भर रहेगा, जिसे मार्च 2024 में लॉन्च किया गया था। यह उपग्रह पृथ्वी और चंद्र सतह के बीच संपर्क बनाए रखने में मदद करेगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सीधा संचार संभव नहीं होता।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- चांग’ए चीन के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम का नाम है, जो चंद्र देवी चांग’ए पर आधारित है।
- शैकलटन क्रेटर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित एक प्रमुख प्रभाव गड्ढा है।
- क्यूकियाओ-2 एक रिले सैटेलाइट है, जो चंद्र अभियानों में संचार सहायता देता है।
- चंद्रमा के स्थायी छाया वाले क्षेत्र वाष्पशील पदार्थों, जैसे जल-बर्फ, को संरक्षित रख सकते हैं।
चांग’ए-7 चीन के उस व्यापक चंद्र कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें ऑर्बिटर, लैंडर, रोवर और सैंपल-रिटर्न मिशन पहले भी शामिल रहे हैं। यह अभियान चंद्र दक्षिणी ध्रुव की भूगर्भीय संरचना, संसाधनों और भविष्य की खोजों को समझने में नई जानकारी दे सकता है।