चंडीगढ़ बैठक में BRICS स्वास्थ्य सहयोग को नई दिशा

चंडीगढ़ बैठक में BRICS स्वास्थ्य सहयोग को नई दिशा

भारत की अध्यक्षता में 16वीं BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 22 से 24 जुलाई 2026 तक चंडीगढ़ में आयोजित हुई। बैठक में BRICS समूह के 11 सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, महामारी-तैयारी, डिजिटल स्वास्थ्य और दवाओं तक समान पहुंच जैसे मुद्दों पर साझा सहमति बनी।

BRICS स्वास्थ्य सहयोग का बढ़ता दायरा

BRICS अब केवल उभरती अर्थव्यवस्थाओं का मंच नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, व्यापार, प्रौद्योगिकी और विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग का महत्वपूर्ण समूह बन चुका है। मूल रूप से BRIC के रूप में शुरू हुए इस समूह में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद BRICS नाम प्रचलित हुआ। 2024 और 2025 में विस्तार के बाद इसके सदस्य देशों की संख्या 11 हो गई।चंडीगढ़ बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 के तहत हुई, जिससे भारत को वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडे को आकार देने का अवसर मिला। बैठक का मुख्य विषय था: “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”। इसका केंद्र बिंदु स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत, नवाचारी और समावेशी बनाना रहा।

घोषणा-पत्र में किन मुद्दों पर बनी सहमति

23 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की। सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 16वीं BRICS स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा को अपनाया। इस घोषणा में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, महामारी की तैयारी, डिजिटल स्वास्थ्य और आवश्यक दवाओं तक न्यायसंगत पहुंच को प्राथमिकता दी गई।बैठक में स्वास्थ्य सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, तपेदिक पर संयुक्त शोध, बड़े संक्रामक रोगों की रोकथाम और प्रतिक्रिया, तथा मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इन मुद्दों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियां अब सीमाओं तक सीमित नहीं रहीं।

मानसिक स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा पर नई पहल

भारत ने BRICS नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन मेंटल वेलनेस का प्रस्ताव रखा, और इस पहल के समन्वय संस्थान के रूप में बेंगलुरु स्थित NIMHANS को नामित किया गया। NIMHANS का पूरा नाम National Institute of Mental Health and Neuro Sciences है, जो मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में देश का प्रमुख संस्थान है।इसके साथ ही BRICS देशों ने पारंपरिक चिकित्सा पर एक वर्किंग ग्रुप को भी मंजूरी दी। पारंपरिक चिकित्सा में आयुर्वेद, पारंपरिक चीनी चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और अन्य स्वदेशी स्वास्थ्य पद्धतियां शामिल हैं। यह कदम आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान को भी सहयोग के दायरे में लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BRICS की शुरुआत BRIC के रूप में हुई थी; दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद इसका नाम BRICS हुआ।
  • 2024 और 2025 के विस्तार के बाद BRICS के सदस्य देशों की संख्या 11 हो गई।
  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का अर्थ है कि लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बिना आर्थिक कठिनाई के मिलें।
  • डिजिटल स्वास्थ्य में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य डेटा प्रणालियां शामिल होती हैं।

चंडीगढ़ बैठक ने यह संकेत दिया कि BRICS देश अब स्वास्थ्य सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और समावेशी चिकित्सा व्यवस्था को साझा प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। भारत के लिए यह बैठक वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व में अपनी भूमिका मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर रही।

Originally written on July 24, 2026 and last modified on July 24, 2026.

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