गुवाहाटी में ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों की बैठक, नशीले पदार्थों की तस्करी पर होगा साझा मंथन
भारत 6 और 7 जुलाई 2026 को असम की राजधानी गुवाहाटी में ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक की मेजबानी कर रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा किया गया है। बैठक में विस्तारित ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों की मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसियां भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध वित्तीय नेटवर्क और नई चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को मजबूत करना है।
ब्रिक्स और इसका विस्तारित स्वरूप
ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी समूह है, जिसकी शुरुआत ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। समय के साथ इसका विस्तार हुआ और अब इसमें ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। विस्तारित सदस्यता के साथ ब्रिक्स की वैश्विक भूमिका और प्रभाव बढ़ा है। अब यह समूह आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के विरुद्ध समन्वय पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
बैठक का एजेंडा और प्रमुख विषय
ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों की यह बैठक राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। बैठक में खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त अभियान, क्षमता निर्माण और संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी, नई साइकोएक्टिव पदार्थों (New Psychoactive Substances) तथा क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाले अवैध वित्तीय लेन-देन जैसे आधुनिक खतरों पर भी विशेष विचार-विमर्श होगा। इन माध्यमों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तेजी से कर रहे हैं, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने नई चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं।
भारत की पहल और संभावित परिणाम
बैठक के दौरान भारत 2026-2029 के लिए ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विज़न डॉक्यूमेंट’ प्रस्तुत करेगा। यह दस्तावेज़ देश की आगामी वर्षों की मादक पदार्थ नियंत्रण नीति, रणनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की रूपरेखा तय करेगा। बैठक के अंत में सदस्य देशों द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध सहयोग बढ़ाने संबंधी संयुक्त घोषणा (Joint Declaration) अपनाए जाने की संभावना है। इससे सीमा पार होने वाले मादक पदार्थों के अपराधों और उनसे जुड़े वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) भारत में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन की प्रमुख एजेंसी है।
- गुवाहाटी असम का सबसे बड़ा शहर और पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख प्रशासनिक एवं व्यावसायिक केंद्र है।
- नई साइकोएक्टिव पदार्थ (New Psychoactive Substances) ऐसे कृत्रिम रसायन होते हैं, जिन्हें प्रतिबंधित मादक पदार्थों जैसे प्रभाव उत्पन्न करने के लिए तैयार किया जाता है।
- डार्कनेट इंटरनेट का वह हिस्सा है, जहाँ विशेष सॉफ्टवेयर और गोपनीय एक्सेस प्रणाली के माध्यम से गुमनाम रूप से गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
गुवाहाटी में आयोजित यह बैठक मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराधों के विरुद्ध सामूहिक रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारत की सक्रिय भूमिका और प्रस्तावित विज़न डॉक्यूमेंट से वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थ नियंत्रण सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।