ओपेक+ ने अगस्त के लिए कच्चे तेल के उत्पादन में बढ़ोतरी का फैसला किया

ओपेक+ ने अगस्त के लिए कच्चे तेल के उत्पादन में बढ़ोतरी का फैसला किया

वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण निर्णय में ओपेक+ ने 5 जुलाई 2026 को अगस्त महीने के लिए अपने सामूहिक कच्चे तेल उत्पादन की सीमा में 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन (188,000 बैरल प्रति दिन) की बढ़ोतरी करने पर सहमति जताई। यह निर्णय गठबंधन के सात प्रमुख सदस्य देशों की ऑनलाइन मंत्रिस्तरीय बैठक में लिया गया। उत्पादन बढ़ाने का उद्देश्य वैश्विक बाजार में आपूर्ति को संतुलित रखना और ऊर्जा बाजार की बदलती मांग के अनुरूप रणनीति अपनाना है।

ओपेक+ क्या है?

ओपेक+ (OPEC+) तेल उत्पादक देशों का एक गठबंधन है, जिसमें पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (ओपेक) और उसके सहयोगी गैर-ओपेक देश शामिल हैं। यह समूह वैश्विक तेल उत्पादन नीति का समन्वय करता है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके। अगस्त 2026 के उत्पादन संबंधी निर्णय में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कज़ाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने प्रमुख भूमिका निभाई। इन देशों का वैश्विक तेल उत्पादन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान है।

उत्पादन कटौती में चरणबद्ध बदलाव

ओपेक+ ने वर्ष 2023 में 16.5 लाख बैरल प्रतिदिन की उत्पादन कटौती पर सहमति बनाई थी, ताकि तेल बाजार में कीमतों को स्थिर रखा जा सके। अब अगस्त 2026 में घोषित नई वृद्धि उसी कटौती को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। अगस्त की वृद्धि के बाद भी वर्ष 2023 में लागू की गई मूल कटौती में से लगभग 3.79 लाख बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति अभी बाजार में बहाल की जानी बाकी रहेगी। इससे स्पष्ट है कि ओपेक+ अभी भी बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए सावधानीपूर्वक उत्पादन नीति अपना रहा है।

बाजार की स्थिति और आगामी समीक्षा

ओपेक+ लगातार पाँचवीं बार मासिक उत्पादन वृद्धि की घोषणा कर चुका है। गठबंधन के ऊर्जा मंत्री अब 2 अगस्त 2026 को फिर बैठक करेंगे, जिसमें सितंबर महीने के उत्पादन लक्ष्य तय किए जाएंगे। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) 1 मई 2026 को ओपेक+ से अलग हो चुका है और अब अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता के अनुसार स्वतंत्र तेल उत्पादन नीति अपना रहा है। वैश्विक ऊर्जा व्यापार में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का विशेष महत्व है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल के व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। 3 जुलाई 2026 को कच्चे तेल की कीमत लगभग 72 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास दर्ज की गई थी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ओपेक (OPEC) की स्थापना वर्ष 1960 में बगदाद में पाँच देशों द्वारा की गई थी।
  • ओपेक+ में ओपेक सदस्य देशों के साथ रूस जैसे गैर-ओपेक तेल उत्पादक देश भी शामिल हैं।
  • बैरल प्रति दिन (Barrels per Day) कच्चे तेल के उत्पादन और आपूर्ति को मापने की मानक इकाई है।
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

ओपेक+ का यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। उत्पादन में क्रमिक वृद्धि से बाजार में आपूर्ति बेहतर होने की संभावना है, वहीं आगामी अगस्त बैठक पर भी निवेशकों और ऊर्जा विशेषज्ञों की नजरें टिकी रहेंगी।

Originally written on July 6, 2026 and last modified on July 6, 2026.

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