कोहिमा में पूर्व सैनिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित, स्पर्श पेंशन और वेटरन सुविधाओं पर दिया गया जोर
पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नागालैंड के कोहिमा जिले में 9 जुलाई 2026 को मिलिट्री स्टेशन ज़खामा द्वारा एक पूर्व सैनिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पेंशन, कल्याणकारी योजनाओं, स्पर्श (एसपीएआरएसएच) पेंशन प्रणाली तथा पूर्व सैनिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। साथ ही प्रतिभागियों की समस्याओं के समाधान और नई सुविधाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
पूर्व सैनिक कल्याण व्यवस्था और स्पर्श प्रणाली
पूर्व सैनिक वे भारतीय सशस्त्र बलों के सेवानिवृत्त कर्मी होते हैं, जिन्हें पेंशन, चिकित्सा और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन सेवाओं का संचालन पूर्व सैनिक कल्याण विभाग तथा राज्यों के राज्य सैनिक बोर्ड के माध्यम से किया जाता है। एसपीएआरएसएच (सिस्टम फॉर पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन – रक्षा) भारत सरकार का डिजिटल रक्षा पेंशन प्रबंधन मंच है। इस प्रणाली के माध्यम से रक्षा पेंशन का वितरण, रिकॉर्ड प्रबंधन और पेंशन संबंधी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है। इससे पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को ऑनलाइन माध्यम से कई सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।
कोहिमा कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
इस आउटरीच कार्यक्रम में क्षेत्र के 24 पूर्व सैनिकों और चार वीर नारियों (युद्ध विधवाओं) ने भाग लिया। कार्यक्रम को नागालैंड राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ने संबोधित किया और पूर्व सैनिकों के लिए विकसित की जा रही नई सुविधा की प्रगति से भी अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एक ओपन हाउस सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने पेंशन, कल्याणकारी योजनाओं और अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे तथा अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं। अधिकारियों ने इनका समाधान और आवश्यक स्पष्टीकरण प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जिससे पूर्व सैनिकों और प्रशासन के बीच संवाद को और मजबूत बनाया गया।
पूर्व में आयोजित मेगा पूर्व सैनिक रैली
इससे पहले 17 और 18 मार्च 2026 को स्पीयर कोर के अंतर्गत रेड शील्ड डिवीजन ने कोहिमा के किसामा हेरिटेज विलेज में एक विशाल पूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया था। इस रैली में लगभग 700 पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद सैनिकों के परिजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव भी उपस्थित रहे। इस आयोजन का उद्देश्य पूर्व सैनिक समुदाय को सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और नई नीतियों की जानकारी उपलब्ध कराना था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एसपीएआरएसएच (SPARSH) का पूरा नाम सिस्टम फॉर पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन (रक्षा) है।
- भारतीय रक्षा कल्याण व्यवस्था में युद्ध विधवाओं को वीर नारियां कहा जाता है।
- राज्य सैनिक बोर्ड (Rajya Sainik Board) राज्य स्तर पर पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कार्य करते हैं।
- किसामा हेरिटेज विलेज नागालैंड के कोहिमा के निकट स्थित है और हॉर्नबिल महोत्सव के लिए भी प्रसिद्ध है।
पूर्व सैनिक देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने के बाद समाज का अभिन्न हिस्सा बने रहते हैं। ऐसे आउटरीच कार्यक्रम न केवल उनकी पेंशन और कल्याण संबंधी समस्याओं के समाधान में सहायक होते हैं, बल्कि सरकार और पूर्व सैनिक समुदाय के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग को भी मजबूत बनाते हैं।