कोरिया युद्ध स्मारक में भारत की ऐतिहासिक भूमिका

कोरिया युद्ध स्मारक में भारत की ऐतिहासिक भूमिका

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नई पहचान देते हुए 21 मई 2026 को दक्षिण कोरिया के सियोल के निकट स्थित इमजिंगाक पार्क में भारतीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया गया। इस स्मारक का उद्घाटन भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh और दक्षिण कोरिया के मंत्री Kwon Oh-eul ने संयुक्त रूप से किया। यह स्मारक कोरियाई युद्ध की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्थापित किया गया है और इसमें भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस तथा कस्टोडियन फोर्स ऑफ इंडिया की सेवाओं को सम्मानित किया गया है।

इमजिंगाक पार्क का ऐतिहासिक महत्व

Imjingak Park दक्षिण कोरिया में सियोल के निकट स्थित एक महत्वपूर्ण स्मारक स्थल है। कोरियाई युद्ध के बाद यह क्षेत्र युद्धबंदियों के पुनर्वास और प्रत्यावर्तन से जुड़ा रहा। वर्ष 1954 में यहां “हिंद नगर” नामक शिविर स्थापित किया गया था, जहां लगभग 22 हजार युद्धबंदियों को उनके देशों में वापस भेजे जाने से पहले रखा गया था। यही कारण है कि यह स्थान भारत और कोरिया दोनों के लिए ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस की वीरता

भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस यूनिट ने कोरियाई युद्ध के दौरान अद्भुत सेवा दी थी। इस यूनिट का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल एजी रंगराज ने किया था, जिन्हें बाद में महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। इस दल में कुल 627 सैनिक शामिल थे और उन्होंने युद्ध के दौरान 2.22 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया। घायल सैनिकों और नागरिकों की निस्वार्थ सेवा के कारण इस यूनिट को “मरून एंजेल्स” के नाम से जाना जाने लगा था।

भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को नई मजबूती

स्मारक उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों देशों के मंत्रियों ने भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुष्पांजलि भी दी। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच युद्ध वीरों के सम्मान और स्मृति संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना को भारत के रक्षा मंत्रालय द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई। यह कार्यक्रम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वियतनाम और दक्षिण कोरिया की चार दिवसीय यात्रा का हिस्सा था।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कोरियाई युद्ध वर्ष 1950 से 1953 तक चला था।
  • 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस यूनिट को “मरून एंजेल्स” के नाम से जाना जाता था।
  • लेफ्टिनेंट कर्नल एजी रंगराज को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
  • इमजिंगाक पार्क दक्षिण कोरिया में युद्ध स्मृति और शांति प्रतीक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।

भारत की मानवीय सेवा और सैन्य योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से देश की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है। इमजिंगाक पार्क में स्थापित यह स्मारक न केवल भारतीय सैनिकों के साहस और सेवा की याद दिलाएगा, बल्कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मित्रता और सहयोग के नए अध्याय को भी मजबूत करेगा।

Originally written on May 21, 2026 and last modified on May 21, 2026.

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