कॉर्पोरेट मित्र योजना 2026: एमएसएमई को मिलेगा प्रशिक्षित पेशेवरों का सहयोग

कॉर्पोरेट मित्र योजना 2026: एमएसएमई को मिलेगा प्रशिक्षित पेशेवरों का सहयोग

देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने कॉर्पोरेट मित्र योजना 2026 की शुरुआत की है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित पैरा-प्रोफेशनल तैयार करना है, जो एमएसएमई इकाइयों को अनुपालन, लेखांकन, कराधान, वित्तीय मार्गदर्शन तथा कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग प्रदान कर सकें। यह पहल छोटे उद्यमों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के लिए नए रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।

कॉर्पोरेट मित्र योजना का उद्देश्य और संरचना

कॉर्पोरेट मित्र योजना को देश के प्रमुख शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों के सहयोग से लागू किया जा रहा है। इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास, आईआईटी प्रवर्तक, स्वयं प्लस, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई), भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) तथा भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई) की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए 25 जून 2026 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है, जो विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित एमएसएमई इकाइयों को पेशेवर सेवाएं उपलब्ध करा सकें।

प्रशिक्षण, पात्रता और प्रमाणन

कॉर्पोरेट मित्र कार्यक्रम की कुल अवधि 12 माह निर्धारित की गई है। इसमें लगभग 150 घंटे की ऑनलाइन पढ़ाई स्वयं प्लस पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को छह माह का ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण पेशेवर फर्मों में दिया जाएगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा। योजना में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी भारतीय नागरिक होना चाहिए, उसकी आयु 30 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा वह स्नातक या स्नातक अंतिम वर्ष का छात्र होना चाहिए। प्रशिक्षण के सफल समापन पर प्रतिभागियों को कॉर्पोरेट मित्र प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके रोजगार और पेशेवर अवसरों में वृद्धि होने की संभावना है।

प्रथम बैच, शुल्क और विशेष रियायतें

योजना के प्रथम बैच में 2,000 प्रतिभागियों को शामिल किया जाएगा। इनमें से 200 सीटें पूर्वोत्तर क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। पाठ्यक्रम शुल्क 3,000 रुपये तथा लागू जीएसटी निर्धारित किया गया है। महिला अभ्यर्थियों तथा पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप के विद्यार्थियों को शुल्क में 50 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। इससे दूरदराज़ क्षेत्रों के युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। योजना के पंजीकरण संबंधी जानकारी जल्द ही कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, स्वयं प्लस, आईसीएआई, आईसीएसआई तथा आईसीएमएआई की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई जाएगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एमएसएमई का पूर्ण रूप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (Micro, Small and Medium Enterprises) है।
  • स्वयं प्लस भारत का एक डिजिटल शिक्षण मंच है, जो उच्च शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है।
  • आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई भारत के वैधानिक पेशेवर संस्थान हैं, जो क्रमशः चार्टर्ड अकाउंटेंसी, कंपनी सचिव और लागत लेखांकन से संबंधित हैं।
  • टियर-2 और टियर-3 शहरों का उपयोग भारत में शहरी वर्गीकरण और सरकारी सेवा वितरण की नीति में व्यापक रूप से किया जाता है।

कॉर्पोरेट मित्र योजना 2026 एमएसएमई क्षेत्र को पेशेवर सहायता उपलब्ध कराने और युवाओं को उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना न केवल छोटे उद्यमों की प्रशासनिक और वित्तीय क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि देश में रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।

Originally written on June 29, 2026 and last modified on June 29, 2026.

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