ओडिशा में 30 मई से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण

ओडिशा में 30 मई से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण

भारत निर्वाचन आयोग 30 मई 2026 से ओडिशा में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू करेगा। यह प्रक्रिया एक महीने तक चलेगी और 28 जून 2026 तक जारी रहेगी। यह अभियान विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण का हिस्सा है, जिसमें देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है ताकि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण क्या है

विशेष गहन पुनरीक्षण एक क्षेत्र-आधारित प्रक्रिया है, जिसमें घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में मौजूद डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाता, स्थानांतरित हो चुके मतदाता और अन्य त्रुटियों की पहचान की जाती है। निर्वाचन आयोग इस अभियान के माध्यम से सुनिश्चित करना चाहता है कि केवल पात्र और वास्तविक मतदाता ही सूची में शामिल रहें।

ओडिशा में घर-घर सत्यापन

ओडिशा में बूथ स्तरीय अधिकारी 30 मई से 28 जून 2026 तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इस कार्य के लिए 45,255 बूथ स्तरीय अधिकारियों को लगाया गया है। इसके अलावा सात राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 27,723 बूथ स्तरीय एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। बूथ स्तरीय अधिकारियों और एजेंटों का प्रशिक्षण 20 मई से 29 मई 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण मतदाता सत्यापन और रिकॉर्ड अद्यतन की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मतदाता सूची का कार्यक्रम

संशोधित मसौदा मतदाता सूची 5 जुलाई 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद नागरिक 4 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी आपत्तियों और दावों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी। 12 मई 2026 तक ओडिशा में लगभग 3.34 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 1.68 करोड़ पुरुष, 1.65 करोड़ महिलाएं और 3,090 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

जनगणना कार्य से समन्वय

यह पुनरीक्षण प्रक्रिया जनगणना के हाउस-लिस्टिंग कार्य के साथ समन्वय में संचालित की जा रही है। इससे क्षेत्रीय प्रशासनिक तंत्र का संयुक्त उपयोग संभव हो सकेगा और प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित संवैधानिक संस्था है।
  • मतदाता सूची का निर्माण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत किया जाता है।
  • बूथ स्तरीय अधिकारी किसी विशेष मतदान केंद्र से जुड़े क्षेत्रीय अधिकारी होते हैं।
  • ओडिशा में पुनरीक्षण से पहले 38,123 मतदान केंद्र थे, जिनकी संख्या बढ़कर 45,255 होने की संभावना है।

ओडिशा में शुरू होने वाला यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य की मतदाता सूची को अद्यतन करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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