गुजरात में 3.6 गीगावाट सौर सेल संयंत्र लगाएगी नवितास सोलर

गुजरात में 3.6 गीगावाट सौर सेल संयंत्र लगाएगी नवितास सोलर

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नवितास सोलर ने गुजरात में लगभग 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना की घोषणा की है। इस निवेश के तहत कंपनी 3.6 गीगावाट क्षमता वाली सौर सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। परियोजना में गुजरात के अंकलेश्वर स्थित कंपनी के मौजूदा परिसर में वेफर और इंगट उत्पादन की एक पायलट लाइन भी शामिल होगी। यह पहल भारत की घरेलू सौर विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सौर सेल निर्माण क्षेत्र में नई शुरुआत

यह परियोजना नवितास सोलर की सौर सेल निर्माण क्षेत्र में औपचारिक एंट्री मानी जा रही है। कंपनी के अनुसार, परियोजना के पहले चरण को वर्ष 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि यह बाजार की परिस्थितियों और परियोजना की तैयारियों पर निर्भर करेगा। इस विशाल परियोजना के लिए 10 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में सिविल निर्माण कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है।

निवेश और वित्तीय संरचना

परियोजना की कुल लागत लगभग 1,500 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके लिए 70:30 ऋण-इक्विटी अनुपात पर आधारित वित्तीय मॉडल अपनाया गया है। वित्तपोषण के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से ऋण, कंपनी की आंतरिक आय तथा प्रस्तावित तीसरे इक्विटी निवेश दौर का उपयोग किया जाएगा। इस रणनीति का उद्देश्य परियोजना को वित्तीय रूप से स्थिर और दीर्घकालिक रूप से लाभदायक बनाना है।

रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

नवितास सोलर की इस विस्तार योजना से लगभग 1,000 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें विनिर्माण, इंजीनियरिंग, संचालन और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में नौकरियां शामिल होंगी। इसके अलावा, परियोजना स्थानीय उद्योगों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और सहायक सेवाओं को भी बढ़ावा देगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

घरेलू सौर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती

यह परियोजना भारत की सौर आपूर्ति श्रृंखला में घरेलू मूल्य संवर्धन को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सौर उद्योग में वेफर, इंगट, सौर सेल और मॉड्यूल उत्पादन एक-दूसरे से जुड़े महत्वपूर्ण चरण हैं। देश में इन सभी स्तरों पर उत्पादन क्षमता बढ़ने से आयातित सौर उपकरणों पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को बल मिलेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सौर सेल प्रकाश-विद्युत प्रभाव (फोटोवोल्टाइक इफेक्ट) के माध्यम से सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में परिवर्तित करते हैं।
  • सौर वेफर अर्धचालक पदार्थ की पतली परतें होती हैं जिनका उपयोग सौर सेल निर्माण में किया जाता है।
  • इंगट शुद्ध अर्धचालक पदार्थ के बड़े ठोस ब्लॉक होते हैं जिनसे वेफर तैयार किए जाते हैं।
  • अंकलेश्वर गुजरात के भरूच जिले में स्थित एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है।

भारत में तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांग और स्वच्छ ऊर्जा की आवश्यकता को देखते हुए नवितास सोलर की यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल घरेलू सौर विनिर्माण को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को भी गति मिलेगी। आने वाले वर्षों में ऐसी परियोजनाएं भारत को वैश्विक सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक साबित हो सकती हैं।

Originally written on June 16, 2026 and last modified on June 16, 2026.

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