भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी क्षमता को मिला नया सहारा
भारतीय नौसेना के लिए दूसरी नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) ‘श्रुति’ को 11 अगस्त 2026 को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने लॉन्च किया। यह जहाज यार्ड 3037 के रूप में चिन्हित है। लॉन्च समारोह में वाइस एडमिरल संजय साधु, कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन, मौजूद रहे, जबकि औपचारिक लॉन्च मनीका साधु ने किया।
NGOPV कार्यक्रम क्यों अहम है
नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल कार्यक्रम भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया 11 जहाजों का प्रोजेक्ट है। रक्षा मंत्रालय ने 30 मार्च 2023 को इस परियोजना के लिए 9,781 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था। इसके तहत सात जहाज गोवा शिपयार्ड लिमिटेड और चार जहाज GRSE को दिए गए हैं।
ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स का उपयोग समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, और कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों में किया जाता है। शांति काल में भी ये जहाज नौसेना की उपस्थिति बनाए रखने और समुद्री क्षेत्रों पर नजर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्रुति की तकनीकी विशेषताएं
GRSE द्वारा निर्मित NGOPV लंबाई में 113 मीटर और चौड़ाई में 14.6 मीटर है। इसका विस्थापन 3,000 टन है। यह जहाज अधिकतम 23 नॉट की गति से चल सकता है और 14 नॉट की गति पर इसकी समुद्री क्षमता 8,500 नौटिकल मील तक है।
इन विशेषताओं से स्पष्ट है कि यह प्लेटफॉर्म लंबी दूरी की गश्त, विस्तृत समुद्री क्षेत्र में निगरानी और लगातार संचालन के लिए उपयुक्त है। ऐसे जहाज भारतीय नौसेना की तटीय और अपतटीय सुरक्षा संरचना को मजबूत करते हैं।
GRSE की निर्माण प्रगति
GRSE ने इससे पहले 20 मई 2026 को अपनी पहली NGOPV ‘संगमित्रा’ (यार्ड 3039) लॉन्च की थी। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कमोडोर पी. आर. हरी के अनुसार, शिपयार्ड का लक्ष्य 2026-27 वित्त वर्ष के अंत तक नौसेना को पांच युद्धपोत सौंपने और शेष दो अनुबंधित NGOPV लॉन्च करने का है।
इस कार्यक्रम के तहत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को ‘शची’ लॉन्च की थी, जो पूरे 11-जहाज कार्यक्रम की पहली NGOPV थी। इसी तरह इटली की फिनकैंटिएरी ने भी 22 फरवरी 2026 को अपनी पहली नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल ‘उगोलिनो विवाल्डी’ लॉन्च की थी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- NGOPV का पूरा नाम नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल है।
- भारतीय नौसेना के लिए यह 11 जहाजों का कार्यक्रम है, जिसमें 7 जहाज GSL और 4 जहाज GRSE बना रहे हैं।
- GRSE द्वारा लॉन्च की गई ‘श्रुति’ इस कार्यक्रम के तहत उसकी दूसरी NGOPV है।
- ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स का उपयोग समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा में होता है।
‘श्रुति’ का लॉन्च भारतीय नौसेना की समुद्री गश्ती और सुरक्षा क्षमता को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम आने वाले वर्षों में नौसेना के बेड़े को अधिक सक्षम और बहुउद्देश्यीय बनाने में मदद करेगा।