उत्तर प्रदेश में नदी पुनर्जीवन अभियान को मिला विस्तार

उत्तर प्रदेश में नदी पुनर्जीवन अभियान को मिला विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने सामुदायिक भागीदारी आधारित नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं का विस्तार करते हुए ग्रामीण स्थिरता और पारिस्थितिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह अभियान राज्य मिशन फॉर क्लीन गंगा और संबद्ध एजेंसियों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नदियों का पुनर्जीवन, तालाबों का पुनरुद्धार, पौधारोपण, गाद हटाने और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्य विभिन्न जिलों में किए जा रहे हैं।

“वन डिस्ट्रिक्ट-वन रिवर” अभियान

उत्तर प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट-वन रिवर” अभियान नमामि गंगे मिशन के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य राज्य की लुप्त होती और प्रदूषित नदियों को पुनर्जीवित करना है। 13 मई 2026 तक इस अभियान के माध्यम से लगभग 1.53 लाख मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ और 500 से अधिक किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाई। इस पहल के तहत नदी चैनलों की चौड़ाई और गहराई बढ़ाने, घाट निर्माण, तालाब पुनर्जीवन और पौधारोपण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और ग्रामीण रोजगार बढ़ाना है।

विभिन्न जिलों में नदी पुनर्जीवन कार्य

पीलीभीत जिले में गोमती नदी को 47 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में पुनर्जीवित किया गया। यह कार्य 16 ग्राम पंचायतों में किया गया, जिसमें नदी की खुदाई, चौड़ीकरण, 23 तालाबों का पुनरुद्धार और घाट निर्माण शामिल रहा। बुलंदशहर में नीम नदी के पुनर्जीवन के लिए 29 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य किया गया। यह परियोजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत संचालित हुई। स्थानीय किसानों ने अतिक्रमण हटाने और पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई। आजमगढ़ जिले में तमसा नदी का पुनर्जीवन 89 किलोमीटर क्षेत्र में 111 ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया गया। यहां गाद हटाने, कचरा साफ करने, अतिक्रमण हटाने और वृक्षारोपण जैसे कार्य किए गए।

जल संरक्षण और रोजगार पर प्रभाव

जालौन जिले में नून नदी पुनर्जीवन परियोजना मनरेगा के तहत लागू की गई। इस परियोजना से 5,98,652 मानव-दिवस रोजगार उत्पन्न हुआ और 23,416 किसानों को लाभ मिला। इसके साथ ही भूजल स्तर में लगभग 2.01 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई। रामपुर जिले में जल संरक्षण के लिए 132 तालाबों में 300 रिचार्ज शाफ्ट और 15 इंजेक्शन वेल बनाए गए। इन संरचनाओं का उपयोग भूजल पुनर्भरण और जल भंडारण बढ़ाने के लिए किया जाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नमामि गंगे कार्यक्रम गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है।
  • मनरेगा ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली प्रमुख सरकारी योजना है।
  • ग्राम पंचायत भारत की पंचायती राज व्यवस्था की सबसे निचली इकाई होती है।
  • प्राकृतिक खेती रसायन मुक्त कृषि पद्धति है, जिसमें स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाता है।

उत्तर प्रदेश में नदी पुनर्जीवन की ये परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास हैं। इन अभियानों से न केवल नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बहाल हो रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और जल संसाधनों की स्थिति में भी सुधार देखने को मिल रहा है।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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