एस. जयशंकर ने किया सूरीनाम दौरा
भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने 2 मई से 10 मई 2026 तक कैरेबियाई देशों के तीन राष्ट्रों के दौरे के दौरान Suriname की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने राजधानी Paramaribo में भारत की सहायता से स्थापित एग्रो पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग सुविधा का उद्घाटन किया और सूरीनाम के विदेश मंत्री Melvin Bouva के साथ 9वीं भारत-सूरीनाम संयुक्त आयोग बैठक की सह-अध्यक्षता की।
भारत-सूरीनाम संबंध
भारत और सूरीनाम के बीच लंबे समय से कूटनीतिक और विकासात्मक सहयोग बना हुआ है। दोनों देश संयुक्त आयोग बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग को आगे बढ़ाते हैं। भारत ने सूरीनाम को आधारभूत संरचना और रणनीतिक क्षेत्रों के विकास के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत रियायती ऋण भी प्रदान किए हैं। यह सहयोग कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित है।
एग्रो पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग सुविधा
परामारिबो में स्थापित एग्रो पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग सुविधा को वर्ष 2025 में घोषित 10 लाख अमेरिकी डॉलर के लघु एवं मध्यम उद्यम अनुदान के तहत वित्तपोषित किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य सूरीनाम में कृषि आधारित उत्पादों में मूल्य संवर्धन और स्थानीय प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाना है। यह सुविधा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन में भी मदद करेगी।
संयुक्त आयोग बैठक के प्रमुख विषय
7 मई 2026 को आयोजित 9वीं भारत-सूरीनाम संयुक्त आयोग बैठक में रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और वाणिज्य, आधारभूत संरचना, शिक्षा, खेल, संस्कृति, पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और कृषि जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाना तथा नए क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करना था।
उच्च स्तरीय मुलाकातें
दौरे के दौरान एस. जयशंकर ने सूरीनाम की राष्ट्रपति Jennifer Geerlings-Simons से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रीय विधानसभा के अध्यक्ष Ashwin Adhin से भी चर्चा की। भारत ने सूरीनाम की सेना और पुलिस के लिए आईटीईसी प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या 6 से बढ़ाकर 34 कर दी है। इससे दोनों देशों के बीच क्षमता निर्माण और सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सूरीनाम दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित देश है।
- परामारिबो सूरीनाम की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।
- आईटीईसी का पूरा नाम “इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन” कार्यक्रम है।
- लाइन ऑफ क्रेडिट भारत द्वारा विदेशी विकास परियोजनाओं के लिए दी जाने वाली रियायती वित्तीय सहायता है।
एस. जयशंकर का यह दौरा भारत और सूरीनाम के बीच बढ़ते रणनीतिक और विकासात्मक संबंधों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को और अधिक गति मिलने की संभावना है।