बिहार में ट्रैफिक चालान वन-टाइम सेटलमेंट योजना 2026 लागू
बिहार सरकार ने लंबित ट्रैफिक ई-चालानों के निपटारे के लिए “ट्रैफिक चालान वन-टाइम सेटलमेंट योजना 2026” लागू की है। यह योजना 30 अप्रैल 2026 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से शुरू की गई और 9 मई 2026 से प्रभावी हुई। योजना के तहत कुछ निर्धारित ट्रैफिक उल्लंघनों पर लंबित ई-चालानों में 50 प्रतिशत तक राहत प्रदान की जा रही है।
योजना का उद्देश्य और ढांचा
यह योजना बिहार कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू की गई। इसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित ट्रैफिक जुर्मानों का निपटारा करना और राजस्व संग्रह को बढ़ाना है। योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 तक लागू रहेगी। यह व्यवस्था उन ई-चालानों पर लागू होती है जो 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। विभिन्न आधिकारिक संदर्भों में इसकी कट-ऑफ तिथि 31 मार्च 2025 या 31 मार्च 2026 बताई गई है।
किन उल्लंघनों को मिली राहत
योजना के अंतर्गत हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग न करना और बिना बीमा वाहन चलाने जैसे सामान्य यातायात उल्लंघनों पर छूट दी गई है। इससे वाहन चालकों को पुराने लंबित चालानों के निपटारे में सुविधा मिलेगी। हालांकि गंभीर उल्लंघनों को इस राहत योजना से बाहर रखा गया है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 184 के तहत आने वाले खतरनाक ड्राइविंग मामलों और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरा जुर्माना लागू रहेगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत की भूमिका
इस योजना को राष्ट्रीय लोक अदालत से भी जोड़ा गया है। Patna High Court ने 8 मई 2026 को 9 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में आसान निपटान केंद्र, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और वाहन मालिकों को मोबाइल नंबर के माध्यम से सूचना भेजने की व्यवस्था शामिल थी। अदालत ने निर्देश दिया कि पंजीकृत वाहन मालिकों को दो दिनों के भीतर सूचना दी जाए।
ऑनलाइन भुगतान और प्रशासनिक व्यवस्था
योजना के तहत केवल ऑनलाइन भुगतान को अनिवार्य बनाया गया है। नकद भुगतान की अनुमति नहीं दी गई। इससे प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने का प्रयास किया गया है। 9 मई 2026 को आयोजित लोक अदालत में हुए कुल निपटारे और राजस्व संग्रह की रिपोर्ट 22 जून 2026 तक पटना हाई कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों और लंबित मामलों के समझौता आधारित निपटारे का मंच है।
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 184 खतरनाक ड्राइविंग से संबंधित है।
- ई-चालान डिजिटल ट्रैफिक प्रवर्तन प्रणाली के तहत जारी किए जाते हैं।
- योजना में ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य किया गया है और नकद भुगतान स्वीकार नहीं है।
बिहार की ट्रैफिक चालान वन-टाइम सेटलमेंट योजना 2026 को लंबित चालानों के त्वरित निपटारे और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे वाहन चालकों को राहत मिलने के साथ-साथ राज्य के राजस्व संग्रह में भी सुधार होने की उम्मीद है।