जेम्स वेब टेलीस्कोप ने किया सुपर-अर्थ ग्रह का अध्ययन

जेम्स वेब टेलीस्कोप ने किया सुपर-अर्थ ग्रह का अध्ययन

James Webb Space Telescope ने 4 मई 2026 को एक चट्टानी बाह्यग्रह LHS 3844 b का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। इस ग्रह को “कुआकुआ” नाम से भी जाना जाता है। यह पृथ्वी से लगभग 49 से 50 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है और आकार में पृथ्वी से लगभग 30 प्रतिशत बड़ा है। वैज्ञानिकों ने इसके सतह ताप और संरचना का अध्ययन कर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की हैं।

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप क्या है

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी ने मिलकर विकसित किया है। यह मुख्य रूप से अवरक्त तरंगदैर्घ्य में कार्य करता है और दूरस्थ खगोलीय पिंडों से निकलने वाली ऊष्मा तथा आणविक संकेतों का अध्ययन करता है। इसमें मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट यानी एमआईआरआई लगा है, जिसकी सहायता से वैज्ञानिक ग्रहों की सतह और वातावरण से जुड़ी जानकारी जुटाते हैं।

एलएचएस 3844 बी की विशेषताएं

एलएचएस 3844 बी एक “सुपर-अर्थ” श्रेणी का बाह्यग्रह है। सुपर-अर्थ उन ग्रहों को कहा जाता है जो आकार में पृथ्वी से बड़े लेकिन नेपच्यून जैसे बर्फीले दानव ग्रहों से छोटे होते हैं। यह ग्रह “टाइडली लॉक्ड” है, यानी इसका एक भाग हमेशा अपने तारे की ओर रहता है। तारे की ओर वाले हिस्से का तापमान लगभग 725 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रह अत्यधिक गर्म, अंधकारमय और वातावरण रहित है।

सतह और भूगर्भीय संरचना

वैज्ञानिकों ने ग्रह की सतह से निकलने वाली ऊष्मा का विश्लेषण कर उसकी भूगर्भीय संरचना का अध्ययन किया। शोध में पता चला कि इसकी सतह बेसाल्टिक या आग्नेय चट्टानों से बनी है, जो बुध ग्रह और चंद्रमा की सतह से मिलती-जुलती है। यह पृथ्वी की तरह सिलिका और ग्रेनाइट से समृद्ध पपड़ी वाला ग्रह नहीं है। इस प्रकार का अध्ययन “एक्सोप्लैनेट जियोलॉजी” के अंतर्गत आता है, जिसमें सौरमंडल से बाहर स्थित ग्रहों की भौतिक और भूगर्भीय विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है।

बाह्यग्रह अनुसंधान का महत्व

बाह्यग्रह वे ग्रह होते हैं जो हमारे सौरमंडल के बाहर किसी अन्य तारे की परिक्रमा करते हैं। वैज्ञानिक अब ऐसे ग्रहों की सतह, तापमान और संरचना का प्रत्यक्ष अध्ययन करने में सक्षम हो रहे हैं, जिससे ब्रह्मांड में पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज को नई दिशा मिल रही है। इस अध्ययन से यह समझने में मदद मिलेगी कि चट्टानी ग्रह कैसे बनते हैं और उनकी सतह समय के साथ किस प्रकार बदलती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप मुख्य रूप से अवरक्त तरंगदैर्घ्य में कार्य करता है।
  • एलएचएस 3844 बी पृथ्वी से लगभग 50 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।
  • सुपर-अर्थ पृथ्वी से बड़े लेकिन बर्फीले दानव ग्रहों से छोटे बाह्यग्रह होते हैं।
  • टाइडल लॉकिंग की स्थिति में ग्रह का एक भाग हमेशा अपने तारे की ओर रहता है।

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप द्वारा किया गया यह अध्ययन अंतरिक्ष विज्ञान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे बाह्यग्रहों की संरचना और भूगर्भीय विकास को समझने में वैज्ञानिकों को नई जानकारी प्राप्त होगी।

Originally written on May 9, 2026 and last modified on May 9, 2026.

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