एशियन गेम्स ट्रायल में भाग लेंगी विनेश फोगाट, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी अनुमति
दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई 2026 को ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी। यह ट्रायल 30 और 31 मई 2026 को आयोजित होने वाले हैं। मामला भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा जारी पात्रता नियमों से जुड़ा था, जिसके तहत विनेश फोगाट को ट्रायल के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। अदालत के इस फैसले को खिलाड़ियों के अधिकारों और खेल चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या था पूरा विवाद
भारतीय कुश्ती महासंघ ने वर्ष 2026 में एशियन गेम्स चयन ट्रायल के लिए नए पात्रता नियम लागू किए थे। इन नियमों के अनुसार केवल पिछले सत्र के राष्ट्रीय चैंपियन ही ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। विनेश फोगाट दिसंबर 2024 से मातृत्व अवकाश पर थीं, इसलिए वे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं और इसी आधार पर उन्हें ट्रायल से बाहर कर दिया गया। विनेश फोगाट ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने तर्क दिया कि मातृत्व अवकाश के कारण उन्हें अवसर से वंचित करना अनुचित है और यह समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।
हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश
मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने की, जिसमें मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला शामिल थे। यह सुनवाई 18 मई 2026 के एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर हुई थी। अदालत ने चयन ट्रायल की पूरी प्रक्रिया को वीडियो रिकॉर्ड करने का निर्देश दिया। साथ ही युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय को भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से दो स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने का आदेश भी दिया गया। इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
भारतीय कुश्ती महासंघ की भूमिका
भारतीय कुश्ती महासंघ देश में कुश्ती खेल का राष्ट्रीय संचालन निकाय है। यह राष्ट्रीय खेल विकास संहिता के तहत कार्य करता है। विभिन्न खेल महासंघ अपने-अपने चयन और पात्रता नियम निर्धारित करते हैं, लेकिन ये नियम न्यायिक समीक्षा के दायरे में आते हैं। भारत में खेलों से जुड़े विवाद अक्सर अदालतों तक पहुंचते हैं, विशेषकर तब जब खिलाड़ियों की पात्रता, चयन प्रक्रिया या निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। ऐसे मामलों में उच्च न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप कर सकता है।
विनेश फोगाट का खेल करियर
विनेश फोगाट भारत की प्रमुख महिला पहलवानों में से एक हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। वर्ष 2018 के एशियन गेम्स में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा वे कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनकी वापसी को भारतीय कुश्ती के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से देश की शीर्ष महिला पहलवानों में शामिल रही हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशियन गेम्स का आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया द्वारा किया जाता है।
- भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी।
- भारतीय ओलंपिक संघ भारत की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति है।
- दिल्ली हाईकोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा की शक्ति रखता है।
दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला खेल चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और खिलाड़ियों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। इससे यह संदेश भी जाता है कि खेल महासंघों के नियम संवैधानिक सिद्धांतों और समान अवसर की भावना के अनुरूप होने चाहिए।