उत्तर प्रदेश सरकार ने जलालाबाद का नाम बदलकर किया परशुरामपुरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने को मंजूरी दे दी। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही जलालाबाद नगर पालिका परिषद का नाम भी बदलकर परशुरामपुरी नगर पालिका परिषद कर दिया जाएगा। यह निर्णय स्थानीय जनभावनाओं और ऐतिहासिक-धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
नाम परिवर्तन की पृष्ठभूमि
जलालाबाद उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का एक प्रमुख नगर है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। हिंदू परंपरा में भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए नगर का नाम परशुरामपुरी रखने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।
कैसे पूरी हुई नाम बदलने की प्रक्रिया
नगर का नाम बदलने की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। सबसे पहले स्थानीय निकाय द्वारा प्रस्ताव पारित किया जाता है, जिसके बाद राज्य सरकार उसे केंद्र सरकार के पास भेजती है। केंद्र स्तर पर गृह मंत्रालय विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमति और अनापत्ति प्राप्त करने के बाद अंतिम स्वीकृति देता है। इस मामले में स्थानीय नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2018 और 2023 में नाम परिवर्तन के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए थे। उत्तर प्रदेश सरकार को यह प्रस्ताव 24 अप्रैल 2025 को प्राप्त हुआ। इसके बाद 27 जून 2025 को केंद्र सरकार से अनुमति मांगी गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 19 अगस्त 2025 को इस पर अनापत्ति प्रदान कर दी, जिसके बाद राज्य मंत्रिमंडल ने अंतिम मंजूरी दे दी।
प्रशासनिक और स्थानीय प्रभाव
नगर का नाम बदलने के बाद सरकारी अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड, डाक व्यवस्था, मानचित्रों, नगर पालिका के दस्तावेजों तथा अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। यह प्रक्रिया केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के समन्वय से पूरी की जाएगी, ताकि सभी आधिकारिक दस्तावेजों में नए नाम का उपयोग सुनिश्चित हो सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भगवान परशुराम को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है।
- शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है।
- भारत में किसी शहर या कस्बे का नाम बदलने के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव के साथ केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होती है।
- नगर पालिका परिषद भारत में नगर स्तर की स्थानीय शहरी स्वशासन संस्था होती है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय आस्था को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नाम परिवर्तन के बाद परशुरामपुरी की पहचान धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक अभिलेखों और सेवाओं में नए नाम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।