उत्तर प्रदेश में स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण शुरू, 15 जुलाई तक चलेगा विशेष नामांकन अभियान
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए 1 जुलाई 2026 से राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत सहारनपुर से की गई है। यह अभियान 15 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में शत-प्रतिशत विद्यालयी नामांकन सुनिश्चित करना, स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना तथा पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों का दोबारा नामांकन कराना है। राज्य सरकार इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने पर विशेष जोर दे रही है।
अभियान का उद्देश्य और लक्ष्य
स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण प्रत्येक पात्र बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर विद्यालयों में नामांकन हो। इसके लिए शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की गई है।
क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 163.60 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस अभियान में शिक्षा विभाग के अलावा ग्राम पंचायतें, शहरी स्थानीय निकाय, स्कूल प्रबंधन समितियां, स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक तथा जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। विभिन्न विभागों के समन्वय से प्रत्येक गांव और वार्ड तक अभियान को पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
अभियान के तहत होने वाली प्रमुख गतिविधियां
स्कूल चलो अभियान के दौरान घर-घर संपर्क अभियान, परिवारों का सर्वेक्षण, अभिभावक बैठकें, प्रभात फेरियां, नामांकन रैलियां तथा विशेष प्रवेश शिविर आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए खेलकूद और गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है, ताकि केवल नामांकन ही नहीं बल्कि निरंतर शिक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
सहारनपुर में विकास कार्यों की सौगात
अभियान के शुभारंभ अवसर पर सहारनपुर में 620 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 11 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की गई। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन किया गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्कूल चलो अभियान उत्तर प्रदेश सरकार का विद्यालयी नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का विशेष अभियान है।
- बाल वाटिका 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रारंभिक (प्री-प्राइमरी) शिक्षा की व्यवस्था है।
- ग्राम पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय भारत में स्थानीय स्वशासन की प्रमुख संस्थाएं हैं।
- आशा (ASHA) का पूरा नाम मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (Accredited Social Health Activist) है, जो समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण केवल नामांकन अभियान नहीं, बल्कि शिक्षा को जनआंदोलन बनाने का प्रयास है। सरकार, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की सामूहिक भागीदारी से यह पहल राज्य में शिक्षा के सार्वभौमिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यदि प्रत्येक बच्चा विद्यालय से जुड़ता है, तो इससे प्रदेश की शैक्षिक गुणवत्ता और भविष्य दोनों मजबूत होंगे।