बेंगलुरु में स्टार्टअप म्यूजियम से नवाचार की कहानी होगी प्रदर्शित
बेंगलुरु में एक नया संस्थान म्यूजियम ऑफ इनोवेशन, स्टार्टअप एंड टेक्नोलॉजी (MIST) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत की नवाचार, स्टार्टअप और तकनीक यात्रा को एक समर्पित मंच पर प्रस्तुत करना है। यह परियोजना कर्नाटक टेक्नोलॉजी इनोवेशन म्यूजियम फाउंडेशन (KTIMF) के नाम से कानूनी रूप से पंजीकृत है और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी में तैयार हो रहा है प्रोजेक्ट
MIST को यूनबॉक्सिंगबीएलआर फाउंडेशन और कर्नाटक के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग (ITBT) की साझेदारी से विकसित किया जा रहा है। इस ढांचे में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी यूनबॉक्सिंगबीएलआर फाउंडेशन के पास और 49 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार के ITBT विभाग के पास है। यह मॉडल इस बात का संकेत है कि सांस्कृतिक और तकनीकी संस्थानों के निर्माण में अब निजी विशेषज्ञता और सरकारी सहयोग को साथ लाया जा रहा है।
डिजाइन के लिए चुना गया अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्ट समूह
इस परियोजना के डिजाइन के लिए हेनेघन पेंग आर्किटेक्ट्स कंसोर्टियम को चुना गया है। चयन 21 जुलाई 2026 को दो-चरणीय वैश्विक क्वालिटी एंड कॉस्ट-बेस्ड सेलेक्शन प्रक्रिया के जरिए किया गया, जिसमें छह शॉर्टलिस्टेड कंसोर्टियम शामिल थे। यह समूह डबलिन आधारित है और ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम के डिजाइन के लिए भी जाना जाता है। इसके साथ बेंगलुरु की कैडेंस आर्किटेक्ट्स भी टीम में शामिल है, जिससे परियोजना को वैश्विक अनुभव और स्थानीय समझ दोनों मिलने की उम्मीद है।
एनजीईएफ कैंपस में जुड़ेंगे MIST और Innoverse
MIST और Innoverse को बेंगलुरु के एनजीईएफ कैंपस में स्थित पुराने स्विचगियर फैक्ट्री शेड को पुनर्प्रयोजित करके विकसित किया जा रहा है। Innoverse को स्टार्टअप इनक्यूबेशन और साझेदारी निर्माण के केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जबकि MIST प्रदर्शनी और संस्थागत प्रस्तुति का काम करेगा। इस तरह दोनों संस्थान एक-दूसरे के पूरक होंगे और शहर के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम मिस्र में गीजा पिरामिडों के पास स्थित है और दुनिया के सबसे बड़े पुरातात्विक संग्रहालयों में गिना जाता है।
- क्वालिटी एंड कॉस्ट-बेस्ड सेलेक्शन सार्वजनिक परियोजनाओं में तकनीकी गुणवत्ता और वित्तीय बोली, दोनों के आधार पर चयन की प्रक्रिया है।
- पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल भारत में अवसंरचना, शिक्षा, परिवहन और सांस्कृतिक परियोजनाओं में इस्तेमाल होता है।
- बेंगलुरु भारत का प्रमुख आईटी, स्टार्टअप और जैव प्रौद्योगिकी केंद्र माना जाता है।
2028 तक चरणबद्ध विकास की योजना
परियोजना के पहले चरण को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले कुछ योजना संदर्भों में 2027 में पहले चरण के उद्घाटन और 2028 में दूसरे चरण के पूरा होने की बात सामने आई थी। कुल मिलाकर, यह परियोजना बेंगलुरु को केवल तकनीकी शहर के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार की विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करने वाले केंद्र के रूप में भी स्थापित कर सकती है।