आंध्र प्रदेश में भूमि रिकॉर्ड के लिए ब्लॉकचेन मॉडल की नई शुरुआत
आंध्र प्रदेश ने 23 जुलाई 2026 को डिजिटल भूमि प्रबंधन के लिए मी भूूमि–ब्लॉकचेन पायलट परियोजना शुरू की। इस पहल का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और छेड़छाड़-रोधी बनाना है, ताकि राजस्व, सर्वेक्षण और पंजीकरण विभागों के रिकॉर्ड एकीकृत रूप में उपलब्ध हो सकें।
भूमि प्रशासन में ब्लॉकचेन की भूमिका
ब्लॉकचेन एक ऐसा डिजिटल लेजर सिस्टम है जिसमें रिकॉर्ड क्रमबद्ध ब्लॉकों में सुरक्षित रहते हैं और क्रिप्टोग्राफिक तकनीक से संरक्षित होते हैं। भूमि प्रशासन में यह तकनीक हर भूखंड को एक अलग डिजिटल पहचान देने और उसके लेन-देन को स्थायी रिकॉर्ड में दर्ज करने में मदद करती है। इससे रिकॉर्ड में हेरफेर की संभावना कम होती है और विभिन्न विभागों के बीच डेटा साझा करना आसान होता है।
तकनीकी ढांचा और प्रणाली की खासियत
यह पायलट परियोजना राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, आंध्र प्रदेश और एनआईसी बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी ने मिलकर विकसित की है। इसमें Hyperledger Fabric का उपयोग किया गया है, जो अनुमति-आधारित नेटवर्क के लिए उपयुक्त एक एंटरप्राइज ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क है। प्रणाली की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि भूमि रिकॉर्ड में किसी भी विसंगति के सामने आते ही लेन-देन स्वतः रोक दिए जाएंगे। रिकॉर्ड में बदलाव केवल अधिकृत ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से ही संभव होगा।
कहां लागू होगी परियोजना और नागरिकों को क्या मिलेगा
यह पायलट सात जिलों के सात मंडलों में लागू की जा रही है। इनमें कुरनूल का आस्पारी, चित्तूर का पेनुमुरु, बापटला का रेपल्ले, कृष्णा का गन्नावरम, पूर्वी गोदावरी का कादियम, पार्वतीपुरम मन्यम का गुम्मालक्ष्मीपुरम और विजयनगरम का कोठावलसा शामिल हैं। पहले चरण में 89 पुन: सर्वेक्षण गांव और 1,37,763 भूमि खंड मानचित्र शामिल किए गए हैं। शुरुआत में मंच पर आठ नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें ऑटो-म्यूटेशन, भूमि खंडों का उपविभाजन और क्षेत्र सुधार जैसी सेवाएं शामिल हैं। ऑटो-म्यूटेशन वह प्रक्रिया है जिसमें पंजीकरण के बाद स्वामित्व परिवर्तन के अनुसार भूमि रिकॉर्ड स्वतः अपडेट हो जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ब्लॉकचेन एक वितरित डिजिटल लेजर है, जिसमें डेटा कई नोड्स पर साझा रूप से सुरक्षित रहता है।
- Hyperledger Fabric अनुमति-आधारित ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क है, जिसका उपयोग एंटरप्राइज अनुप्रयोगों में किया जाता है।
- म्यूटेशन भूमि रिकॉर्ड में स्वामित्व परिवर्तन के बाद विवरण अपडेट करने की प्रक्रिया है।
- मी भूूमि आंध्र प्रदेश में डिजिटल भूमि रिकॉर्ड सेवाओं के लिए पहले से उपयोग में रहा प्लेटफॉर्म है।
विभागों और संस्थानों के लिए उपयोगिता
इस प्लेटफॉर्म के जरिए कृषि, मत्स्य, खनन, उद्योग, ऊर्जा और सीआरडीए जैसे विभागों को प्रमाणित भूमि जानकारी तक सुरक्षित पहुंच मिलेगी। वित्तीय संस्थान भी सत्यापित भूमि डेटा का उपयोग सेवा वितरण और रिकॉर्ड जांच में कर सकेंगे। इससे भूमि से जुड़े प्रशासनिक कामकाज में गति आने के साथ-साथ भरोसेमंद डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह पहल डिजिटल भूमि प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग है, जिसमें रिकॉर्ड की सुरक्षा, विभागीय समन्वय और नागरिक सेवाओं की दक्षता को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई है।