आईआईटी मद्रास में RISC-V शिखर सम्मेलन से सेमीकंडक्टर नवाचार को नई गति
आईआईटी मद्रास 1 और 2 अगस्त 2026 को चेन्नई स्थित आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क में तीसरे डिजिटल इंडिया RISC-V (DIR-V) सिम्पोजियम की मेजबानी करेगा। यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा RISC-V International के सहयोग से किया जा रहा है। इसका फोकस भारत में स्वदेशी प्रोसेसर तकनीक, सुरक्षित कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर रहेगा।
RISC-V क्यों है खास
RISC-V एक खुला मानक निर्देश-समूह वास्तुकला (instruction set architecture) है, जिसका उपयोग प्रोसेसर डिजाइन में किया जाता है। यह Reduced Instruction Set Computer यानी RISC परिवार से जुड़ा है और इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके आधार पर कस्टम प्रोसेसर विकसित किए जा सकते हैं, बिना किसी मालिकाना आर्किटेक्चर पर निर्भर हुए। इसी वजह से यह तकनीक शोध, नवाचार और घरेलू चिप डिजाइन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति से जुड़ाव
डिजिटल इंडिया RISC-V पहल भारत के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत देश अपने हार्डवेयर नवाचार और प्रोसेसर तकनीक को मजबूत करना चाहता है। 2026 का विषय “Empowering Bharat’s Semiconductor Future” रखा गया है। आयोजन में सुरक्षित कंप्यूटिंग सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भारत में RISC-V इकोसिस्टम के विकास पर चर्चा होगी। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और भरोसेमंद डिजिटल अवसंरचना पर लगातार निवेश बढ़ा रहा है।
कौन-कौन होंगे शामिल
इस सिम्पोजियम में नीति-निर्माता, वैश्विक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता, स्टार्टअप, उद्योग जगत के नेता, निवेशक, शिक्षक और छात्र शामिल होंगे। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण DIR-V Grand Challenge Hackathon भी होगा, जिसमें छात्र और स्टार्टअप RISC-V आधारित समाधान प्रस्तुत करेंगे। इससे न केवल नवाचार को मंच मिलेगा, बल्कि अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग भी बढ़ेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- RISC-V एक ओपन-सोर्स instruction set architecture है, जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में विकसित किया गया था।
- MeitY भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल गवर्नेंस के लिए नोडल मंत्रालय है।
- आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
- इस सिम्पोजियम के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 28 जुलाई 2026 है।
यह आयोजन भारत की उस दिशा को रेखांकित करता है, जिसमें देश केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि प्रोसेसर और सेमीकंडक्टर नवाचार का निर्माता बनना चाहता है। RISC-V जैसे खुले मानक इस लक्ष्य को गति देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।