मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर पैकेजिंग हब की तैयारी
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी पारस सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड ने मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ समझौता किया है। यह परियोजना इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में एक ग्रीनफील्ड एडवांस्ड इंटीग्रेटेड सर्किट पैकेजिंग और आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा स्थापित करने से जुड़ी है।
क्या है यह परियोजना और क्यों अहम है
प्रस्तावित इकाई सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के उस हिस्से को मजबूत करेगी, जो चिप्स की असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग से जुड़ा होता है। इसे बैक-एंड मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। भारत में अब तक फोकस मुख्य रूप से चिप निर्माण और नीति-समर्थन पर रहा है, लेकिन पैकेजिंग और टेस्टिंग जैसी क्षमताएं विकसित होने से घरेलू इकोसिस्टम अधिक आत्मनिर्भर बनता है। इस सुविधा में 3D हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन, 2.5D और 3D एडवांस्ड पैकेजिंग, हाइब्रिड बॉन्डिंग, अल्ट्रा-हाई-डेंसिटी फैन-आउट पैकेजिंग, चिपलेट इंटीग्रेशन, वेफर बंपिंग और फ्लिप-चिप असेंबली जैसी तकनीकें शामिल होंगी। ये तकनीकें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में छोटे, तेज और अधिक सक्षम चिप समाधान तैयार करने में मदद करती हैं।
निवेश, रोजगार और औद्योगिक असर
इस परियोजना में लगभग 6,200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जो करीब 644 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। योजना के अनुसार यह इकाई 2,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा कर सकती है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में सहायक उद्योगों, सप्लायर नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े अन्य कारोबारों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। यह परियोजना भारत सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप बताई गई है। सरकार लंबे समय से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नीति समर्थन, पूंजीगत प्रोत्साहन और राज्य-स्तरीय औद्योगिक साझेदारियों के जरिए निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह समझौता देश में बैक-एंड सेमीकंडक्टर क्षमता को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भविष्य की तकनीकों के लिए आधार
यह सुविधा केवल पारंपरिक चिप पैकेजिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सेंसर टेक्नोलॉजी और ऑप्टिकल तथा ऑप्ट्रॉनिक सिस्टम्स के लिए सेमीकंडक्टर डिवाइस तैयार करने में भी सहायक होगी। आगे चलकर इसका दायरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स तक बढ़ाने की योजना भी है। भारत जैसे देश में, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, ऐसी इकाइयां आयात निर्भरता घटाने और घरेलू तकनीकी क्षमता बढ़ाने में भूमिका निभा सकती हैं। वेफर फैब्रिकेशन प्लांट और पैकेजिंग सुविधा में अंतर समझना भी जरूरी है, क्योंकि दोनों सेमीकंडक्टर उद्योग के अलग-अलग लेकिन पूरक हिस्से हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- OSAT का पूरा नाम Outsourced Semiconductor Assembly and Test है।
- OSAT सेमीकंडक्टर बैक-एंड प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग शामिल होती है।
- 2.5D, 3D इंटीग्रेशन और हाइब्रिड बॉन्डिंग आधुनिक एडवांस्ड पैकेजिंग तकनीकें हैं।
- भारत सेमीकंडक्टर मिशन, भारत सरकार का सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण से जुड़ा कार्यक्रम है।
इस समझौते के साथ मध्य प्रदेश देश के उभरते सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने की ओर बढ़ रहा है। यदि परियोजना समय पर आगे बढ़ती है, तो यह राज्य और देश दोनों के लिए तकनीकी और औद्योगिक दृष्टि से अहम साबित हो सकती है।