उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता Bhuwan Chandra Khanduri का 19 मई 2026 को देहरादून में निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। उनके निधन से उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजनीति में शोक की लहर फैल गई। वे भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सक्रिय राजनीति में आए थे और अपनी सादगी, अनुशासन तथा ईमानदार छवि के लिए जाने जाते थे।

राजनीतिक जीवन और मुख्यमंत्री पद

Bhuwan Chandra Khanduri ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्यभार संभाला। उनका पहला कार्यकाल वर्ष 2007 से 2009 तक और दूसरा कार्यकाल 2011 से 2012 तक रहा। उन्होंने राज्य में सड़क विकास, प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। वे गढ़वाल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए 16वीं लोकसभा के सदस्य भी रहे। राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और उन्हें एक सशक्त संगठनकर्ता तथा साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में देखा जाता था।

केंद्रीय मंत्री के रूप में योगदान

Bhuwan Chandra Khanduri ने पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उनके कार्यकाल में देश के सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए। इसी दौरान गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना को विशेष गति मिली। यह राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क परियोजना दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों को जोड़ती है। इस परियोजना का उद्देश्य देश के औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्रों के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करना था।

सेना से राजनीति तक का सफर

राजनीति में आने से पहले Bhuwan Chandra Khanduri भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर कार्यरत थे। सैन्य पृष्ठभूमि के कारण वे अनुशासनप्रिय नेता माने जाते थे और सार्वजनिक जीवन में उन्हें “जनरल साहब” के नाम से भी जाना जाता था। उनकी कार्यशैली में सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक सख्ती की झलक दिखाई देती थी। यही कारण था कि वे उत्तराखंड की राजनीति में एक अलग पहचान रखते थे।

परिवार और राजनीतिक प्रतिक्रिया

उनके परिवार में पत्नी अरुणा, पुत्र मनीष और पुत्री Ritu Khanduri Bhushan हैं। रितु खंडूरी भूषण वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष हैं। उनके निधन के समय Pushkar Singh Dhami उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे। राज्य और देश के कई राजनीतिक नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक ईमानदार और समर्पित जनसेवक बताया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवंबर 2000 को हुआ था।
  • 16वीं लोकसभा का कार्यकाल वर्ष 2014 से 2019 तक रहा।
  • Atal Bihari Vajpayee वर्ष 1998 से 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।
  • गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना भारत की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में से एक है।

Bhuwan Chandra Khanduri का निधन भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने सेना और राजनीति दोनों क्षेत्रों में अनुशासन, सेवा और ईमानदारी की मिसाल पेश की, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

Originally written on May 19, 2026 and last modified on May 19, 2026.

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