भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग को नई मजबूती, राजनाथ सिंह ने किया हनोई दौरा
भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने 18 से 19 मई 2026 तक वियतनाम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 19 मई को हनोई में वियतनाम के राष्ट्रपति Tô Lâm से मुलाकात की। उन्होंने वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल Phan Van Giang के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। दोनों देशों ने भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों का विस्तार
भारत और वियतनाम के बीच रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे विषयों पर मिलकर काम कर रहे हैं। बैठक में तटीय रक्षा, सैन्य शिक्षा और रणनीतिक समन्वय पर भी विचार-विमर्श किया गया। भारत और वियतनाम दक्षिण चीन सागर और व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानते हैं। दोनों देशों का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता और स्वतंत्र समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए सहयोग आवश्यक है।
नई तकनीक और रक्षा उद्योग में सहयोग
दौरे के दौरान दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया। 19 मई 2026 को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक से संबंधित एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इससे रक्षा अनुसंधान, संचार और आधुनिक सैन्य तकनीकों के विकास में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, दोनों देशों ने वियतनाम में एयर फोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में एक भाषा प्रयोगशाला का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह पहल सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ब्रह्मोस मिसाइल और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा
भारत और वियतनाम के बीच ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई। BrahMos को वियतनाम की तटीय रक्षा आवश्यकताओं के लिए संभावित रक्षा निर्यात के रूप में देखा जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणालियों में गिनी जाती है और इसे भारत तथा रूस ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
ऐतिहासिक और कूटनीतिक महत्व
अपने दौरे के दौरान Rajnath Singh ने Ho Chi Minh की 136वीं जयंती पर हो ची मिन्ह समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। यह दौरा राष्ट्रपति Tô Lâm की मई 2026 में भारत यात्रा के बाद हुआ, जिससे दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को नई गति मिली है। भारत और वियतनाम के बीच बढ़ता सहयोग एशिया क्षेत्र में सामरिक संतुलन और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देश क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और रणनीतिक सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया है।
- Hanoi वियतनाम की राजधानी है और 2026 की रक्षा बैठकों का आयोजन यहीं हुआ।
- BrahMos भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली है।
- Ho Chi Minh को आधुनिक वियतनाम का संस्थापक माना जाता है।
भारत और वियतनाम के बीच बढ़ता रक्षा और तकनीकी सहयोग भविष्य में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।